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मनाली में पर्यावरण शुल्क के नाम पर घपला शुरू

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रोहतांग दर्रे के बहाल होते ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर पर्यावरण शुल्क वसूलने के नाम पर घपला शुरू हो गया है। गुलाबा में स्थापित टैक्स बैरियर पर रोहतांग जाने वाले वाहन चालकों से साठगांठ शुरू हो गई है। डीजल वाले 8 सीटर वाहन के लिए एनजीटी ने 5000 रुपये प्रति चक्कर शुल्क तय किया है, जबकि पर्ची पर वसूली 1000 रुपये की हो रही है।
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गाड़ी डीजल वाली है और पर्ची पेट्रोल गाड़ी वाली दी जा रही है। ये ट्रिब्यूनल के आदेशों की सरेआम नाफरमानी है। अमर उजाला की टीम जब शनिवार को गुलाबा स्थित टैक्स बैरियर पर पहुंची तो वहां पर तय शुल्क से कम वसूली की जा रही थी। इसमें अंदरखाते ‘खेल’ की बू आ रही है।

केस नंबर एक- मैक्सी कैब डीजल इंजन नंबर एचपी 01बी 0604। यात्रियों की क्षमता आठ लोग। एनजीटी के आदेशों के अनुसार पर्यावरण टैक्स पांच हजार रुपये बनता है, लेकिन बैरियर पर तैनात कर्मचारियों ने पर्ची संख्या 453 के तहत एक हजार रुपये वसूले। टैक्सी चालक डर के मारे कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
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केस नंबर दो- गाड़ी टैंपो ट्रैवलर डीजल इंजन गाड़ी संख्या पीबी 01 0038। यात्रियों ले जाने की क्षमता आठ से अधिक। पांच हजार रुपये टैक्स। बैरियर के कर्मचारी फिर हुए मेहरबान। पर्ची संख्या 396 के तहत मात्र एक हजार रुपये वसूले गए। ये खेल शुरुआत से ही चलना शुरू हो गया तो आगे क्या होगा।

केस नंबर तीन- ट्रैवलर डीजल इंजन वाहन संख्या पीबी 01 7342। आठ सीटर गाड़ी के चालक को एक हजार रुपये की पर्ची काट कर थमा दी। चालक के पूछने पर कहा आप जाओ हम देख लेंगे। इन्हें पर्ची संख्या 446 से एक हजार की रसीद दी गई।

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एनजीटी के अनुसार ये हैं तय शुल्क

एसडीएम मनाली ज्योति गुप्ता ने कहा कि मामला ध्यान में आया है। अगर इस प्रकार की कोई बात है तो मामला गंभीर है। प्रशासन मामले की जांच करेगा। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

गाड़ी=======इंजन=======शुल्क
पांच सीटर====पेट्रोल=======1000
पांच सीटर गाड़ी=डीजल======2500
छह प्लस सीट==डीजल======5000
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