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35 डिग्री से कम ढलान पर निर्माण की शर्त से बढ़ी मुश्किल, जानिए क्या है पूरा मामला

Mon, 04 Dec 2017 01:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के फैसले के बाद शिमला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर संकट के बादल छा गए हैं। भवन निर्माण को लेकर एनजीटी की शर्तों के बाद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नए भवनों के निर्माण में पेंच फंस गया है। 
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कोर एरिया के कायाकल्प की योजना में मुश्किल पेश आ सकती है। 2900 करोड़ के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में राजधानी शिमला के सेंट्रल जोन में स्थित मिडल बाजार, लोअर बाजार, कृष्णानगर और आसपास के इलाकों में आवासीय भवनों का निर्माण होना है। 

इतना ही नहीं, व्यावसायिक परिसर सहित अन्य इमारतों का निर्माण होना है। निर्माण कार्य पर एक हजार करोड़ से अधिक खर्च होने हैं। लेकिन, एनजीटी के फैसले के बाद अब इन भवनों का निर्माण खटाई में पड़ सकता है। 
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ये था प्रस्ताव

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में तीन से चार मंजिला भवन बनाने का प्रस्ताव था लेकिन एनजीटी के आदेशों के बाद निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है। 35 डिग्री से कम ढलान पर ही भवन निर्माण की शर्त के कारण भी इस कार्य पर असर पड़ सकता है,

क्योंकि लोअर बाजार और कृष्णानगर इससे कहीं अधिक ढलान पर हैं। सब्जी मंडी एरिया, लेबर हॉस्टल, राम बाजार और लोअर बाजार सहित कोर एरिया में भी जो नए भवन बनने प्रस्तावित हैं, वे बनेंगे या नहीं, इस पर भी सवाल है। नगर निगम अब सरकार के निर्देशों के इंतजार में है, ताकि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में आवश्यक फेरबदल किया जा सके।

हजारों लोगों के लिए बनने हैं आवासीय भवन
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में हजारों लोगों के लिए नए आवासीय भवन बनने हैं। शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत अस्थायी आवासों को तोड़कर नए मकान बनने हैं।
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682 करोड़ से निर्माण प्रस्तावित

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में 682 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य होने हैं। 161 करोड़ से होटल विकास, 351 करोड़ से व्यावसायिक परिसर और 170 करोड़ से सर्विस अपार्टमेंट बनने हैं।

प्रोजेक्ट के बजट- क्रियान्वयन पर पड़ेगा असर
एनजीटी के फैसले के बाद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के बजट और क्रियान्वयन पर असर पड़ेगा। ढाई मंजिल की शर्त के कारण अधिक संख्या में भवनों का निर्माण करना पडे़गा। इससे पूरा प्लान प्रभावित होगा।

नियमों के दायरे में होगा काम : नेगी
नगर निगम आयुक्त जीसी नेगी  एनजीटी के आदेशों के तहत नियमों के दायरे में रहकर ही प्रोजेक्ट का काम शुरू किया जाएगा। सरकार की ओर से जारी होने वाले निर्देशों का भी पालन होगा।
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