नालागढ़ में विक्रमादित्य सिंह व अन्य।
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की युवा रोजगार यात्रा और जनसभा मंगलवार को गुटबाजी की भेंट चढ़ गई। यात्रा और जनसभा दोनों को ही रद्द करना पड़ा है। दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र एवं शिमला ग्रामीण से विधायक विक्रमादित्य सिंह को यात्रा के समन्वयक की जिम्मदारी सौंपी गई थी। वह नालागढ़ पहुंचे थे, लेकिन उन्हें यात्रा और जनसभा किए बिना ही लौटना पड़ा है। हालांकि, विक्रमादित्य ने इंटक के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस महासचिव हरदीप बावा के घर पर गुपचुप तरीके से बैठक की। इसमें स्थानीय विधायक लखविंद्र राणा को नहीं बुलाया गया था।
बैठक में विक्रमादित्य ने कहा कि जब परिवार बड़ा होता है तो मतभेद भी हो जाते हैं। लेकिन कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता एकजुट हैं। बैठक के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष यदुपति ठाकुर, प्रदेश सचिव संजय ठाकुर, राकेश कुमार, पूर्व जिप सदस्य उजागर चौधरी आदि मौजूद रहे। उधर, विधायक लखविंद्र सिंह राणा ने कहा कि बावा के घर पर बैठक करना उन्हें कमजोर करने की साजिश है। ऐसा पहले भी होता आया है। उन्होंने कहा कि यात्रा से पहले पार्टी के पदाधिकारियों को अवगत कराया था। पूछा गया था कि पहले फैसला कर लें कि नालागढ़ से किसे चुनाव लड़वाना है। ऐसा इसलिए कहा था ताकि यात्रा के दौरान यहां पर भी सिरमौर जैसी स्थिति पैदा न हो।
टिकट के लिए चल रही है गुटबाजी
नालागढ़ में बावा और राणा में जबरदस्त गुटबाजी चल रही है। बावा को वीरभद्र सिंह का करीबी माना जाता रहा है। बावा मूल रूप से परवाणू के रहने वाले हैं लेकिन विधानसभा चुनाव में टिकट की आस में लंबे समय से नालागढ़ हलके में सक्रिय हैं। यही बात राणा और उनके समर्थकों को मंजूर नहीं है। बावा को पार्टी से निकालने के लिए राणा गुट ने एक प्रस्ताव भी कांग्रेस हाईकमान को भेजा था। आरोप लगाया था कि बावा विधायक के विरोध में क्षेत्र में प्रचार कर रहे हैं। वह पार्टी से टिकट लेने के लिए ऐसा कर रहे हैं। राणा के समर्थकों ने कहा था कि वह बाहर से आए लोगों को यहां पर राजनीति नहीं करने देंगे।
कसौली कांग्रेस के दो धड़ों में आमने-सामने नारेबाजी
कसौली कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी देखने को मिली। धर्मपुर में रोजगार संघर्ष यात्रा के शुरू होने से पहले दो धड़ों में आमने-सामने नारेबाजी हुई। एक धड़े ने गढ़खल में विक्रमादित्य के सामने शक्ति प्रदर्शन किया तो दूसरे ने धर्मपुर में। पहले धड़े ने यात्रा शुरू होने से पहले धर्मपुर पहुंचकर विनोद सुल्तानपुरी को कंधे पर उठा लिया। उन्होंने दूसरी ओर खड़े ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच विनोद सुल्तानपुरी के पक्ष में जमकर नारेबाजी की और अपना शक्ति प्रदर्शन किया। जबकि दूसरे धड़े ने पार्टी से टिकट मांग रहे ध्यान सिंह व अन्य के चित्र लगे टी-शर्ट पहन अपना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। दोनों ओर से जमकर नारेबारी हुई। हालांकि यात्रा में भी गुटबाजी रही।