सुजानपुर से कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा को हाईकमान ने बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस हमीरपुर संसदीय सीट से राणा के बेटे अभिषेक को लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं देगी।
करीब एक साल से बेटे को टिकट दिलाने के लिए जोर लगा रहे राजेंद्र राणा को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने हाईकमान का दो टूक फैसला सुना दिया है। हाईकमान के इस फैसले से कांग्रेस के उन नेताओं को भी झटका लगा है, जो बेटों को टिकट दिलाने की पैरवी कर रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि राजेंद्र राणा ने हिमाचल से बाहर कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल को चाय पर आमंत्रित किया था। इस दौरान पाटिल ने विधायक राणा से हाईकमान के फैसले से अवगत करा दिया है।
पाटिल ने कहा है कि लोकसभा चुनाव लड़ना है तो वह खुद तैयार हों, इस बार बेटों को चुनाव में नहीं उतारा जाएगा। विधायक राजेंद्र राणा पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र्र सिंह के करीबी माने जाते हैं।
वीरभद्र ने एक कार्यक्रम में अभिषेक राणा को हमीरपुर से कांग्रेेस का प्रबल दावेदार तक बता दिया था। इसके बाद से राजेंद्र राणा के हौसले काफी बुलंद थे लेकिन हाईकमान के फैसले से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस किसी भी सीट पर जोखिम नहीं उठाना चाहती। वहीं, बीते विधानसभा चुनाव में राजेंद्र राणा भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल को सुजानपुर सीट से हरा चुके हैं।