पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान लोकसभा सांसद शांता कुमार ने कहा है कि 2016 का साल बीत रहा है, लेकिन यह साल अपने पीछे भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक महासंग्राम शुरू करने का इतिहास छोड़कर जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महा योद्धा के रूप में उभरे हैं।
भ्रष्टाचार एक कैंसर है। इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। इस भ्रष्टाचार को कांग्रेस सरकारें कई सालों से पालती रही हैं। अब भाजपा की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसके विरुद्ध पहली बार एक ऐतिहासिक और साहस भरा प्रहार किया है। हालांकि, इसमें कुछ परेशानियां हुईं।
उसमें कुछ कमियां भी रहीं, लेकिन भ्रष्टाचार से दुखी पूरे देश की जनता ने इसे सराहा और उसमें अपना सहयोग भी दिया। साल 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार को मिटाने का यह संघर्ष अवश्य सफल होगा। नरेंद्र मोदी को भ्रष्टाचार के कैंसर के विरुद्ध इस संघर्ष में एक महा योद्धा के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।
पीएम मोदी की ओर से उठाए गए कदम देश को एक नई दिशा की ओर ले जाएंगे। इससे आने वाले दिनों में किसान, गरीब और हर तबके के लोगों को लाभ मिलेगा। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के इस कैंसर की जड़ें नहीं फैलाईं होती तो देश की तस्वीर कुछ ओर होती। इस भ्रष्टाचार से देश खोखला होता रहा, लेकिन अब मोदी की नीतियों से देश को एक नई आस जगी है।
केंद्रीय एजेंसियों से करवाएंगे चार्जशीट की जांच
जरूरत आने पर प्रदेश कांग्रेस सरकार के घोटालों की चार्जशीट की जांच भाजपा केंद्रीय एजेंसियों से करवाएगी। यह बात पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने मंडी में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को भाजपा ने चार्जशीट सौंपी है।
उसमें सभी घोटालों के सबूत भी साथ दिए हैं। उन्होंने कहा कि आए दिन कांग्रेस के नेता चार्जशीट पर बयानबाजी कर रहे हैं, जो सिर्फ लोगों को ध्यान बंटाने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि जनता सब जानती है, जिसका जवाब आगामी विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।
कुल्लू जिला के बंजार में आईएसआईएस का आतंकी पकड़े जाने और मंडी में चोरी के वाहन पकड़े जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग पर प्रदेश सरकार का कोई कंट्रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि एक मुख्य आरक्षी वाहन चोरी मामले में अकेला नहीं हो सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से कम संख्या वाले स्कूल को बंद करने के फैसले को वीरभद्र सिंह की नाकामी करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने भाजपा सरकार में कम संख्या वाले स्कूलों बंद करने के निर्णय को चुनावी मुद्दा बनाया था। और उस समय वीरभद्र सिंह ने एक बच्चे के लिए भी स्कूल खोलने की हामी भरी थी।
लेकिन अब किस आधार पर स्कूलों की बंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार छात्र-छात्राओं का सुविधाएं देने में पूरी तरह नाकाम रही है। बेराजगारों को रोजगार और बेरोजगारी भत्ते के नाम पर प्रदेश सरकार ने ठगा है। पिछले दो सालों में प्रदेश सरकार ने सिर्फ 1627 लोगों को नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि चार साल बाद अब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह प्रदेश के कर्मचारियों की याद आई।
कर्मचारी की जेसीसी बैठक में भी प्रदेश सरकार ने कर्मचारी को कोई विशेष सौगात नहीं दे पाई है। जबकि कर्मचारियों में कई मांगे अभी तक लंबित है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को समय पर लागू न करने का ठीकरा भी उन्होंने प्रदेश सरकार पर फोड़ा। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ने अगर समय पर फसल बीमा योजना के लिए डीपीआर भेजी होती तो योजना का लाखों किसानों को लाभ हो सकता था। इस मौके पर पूर्व मंत्री एवं देहरा के विधायक रविंद्र रवि, कर्नल इंद्र सिंह, विनोद कुमार भी उपस्थित रहे।
देश के विभाजन को कांग्रेस जिम्मेवार : बिंदल
भाजपा के प्रमुख प्रवक्ता डा. राजीव बिंदल ने कहा है कि देश के विभाजन के लिए केवल कांग्रेस पार्टी ही जिम्मेवार है। देश में चल रही धर्म की राजनीति के लिए भी कांग्रेस पार्टी ही जिम्मेवार है। यही नहीं कश्मीर की विकराल समस्या के लिए भी कांग्रेस पार्टी जिम्मेवार है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डा. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस की छटपटाहट का कारण उसकी अंदरूनी लड़ाई है। सुक्खू भी अंदर से यह मानते हैं कि विगत चार वर्षों में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने जनता के लिए कुछ नहीं किया है।
डा. राजीव बिंदल ने कहा कि 1947 में देश की आजादी के समय महात्मा गांधी ने धर्म के आधार पर देश का विभाजन स्वीकार नहीं किया था, लेकिन सत्ता प्राप्ति की जल्दबाजी में कांग्रेस के चंद नेताओं ने देश का विभाजन स्वीकार किया।
उन्होंने कहा कि सुक्खू का कहना कि देश के विभाजन के लिए कांग्रेस ने बलिदान दिए, ऐसा नहीं अपितु सत्ता प्राप्ति के लिए देशवासियों का बलिदान दिया गया है। डा. बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों की ओर से ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस को सदा स्वर्गीय नेताओं की याद आ जाती है।