महंगाई और बेरोजगारी पर कांग्रेस के धरने-प्रदर्शन को ढोंग करार देते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि कांग्रेस विरोधाभास में जी रही है। एक तरफ तो बेरोजगारी को लेकर प्रदर्शन कर रही है और दूसरी तरफ बेरोजगारी को खत्म करने के लिए निवेशकों को आकर्षित करने को लेकर प्रदेश सरकार की इन्वेस्टर मीट का समर्थन करने के बजाय विरोध कर लाखों बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय कर रही है।
कांग्रेस का दोहरा रवैया उसी को ही ले डूबेगा। सत्ती ने कहा कि 93 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन होने के बाद कांग्रेस पूरी तरह हिल चुकी है और सत्ता में न रहने की तड़प से सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हो गए हैं। उपचुनाव में करारी हार और जनता की ओर से हैसियत दिखाए जाने से कांग्रेसी नेता अपनी खोई जमीन को तलाशने के लिए धरना-प्रदर्शन तो अवश्य कर रहे हैं लेकिन वह भूल रहे हैं कि पिछली सरकार में रहते हुए उन्होंने जो कारनामे किए उससे जनता और निवेशकों का विश्वास उठ गया है।
यही वजह है कि जहां कांग्रेस के कार्यकाल में 500 से अधिक उद्योग प्रदेश छोड़कर भाग गए, वहीं भाजपा सरकार के कार्यकाल में निवेशक पुन: आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर खाद्य उपभोग की एक-दो वस्तुओं को छोड़ दिया जाए तो खुदरा और थोक महंगाई दर पिछले एक दशक में अपने न्यूनतम स्तर पर है। प्याज के दाम नहीं बढ़े, इसके लिए केंद्र सरकार आगामी दिनों में एक लाख टन प्याज का आयात कर रही है और साथ में जमाखोरों पर भी कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस को ही इससे सबसे ज्यादा तकलीफ पहुंचेगी, क्योंकि वही कालाबाजारियों और जमाखोरों को संरक्षण देती आ रही है।