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मोदी लहर के बीच कांग्रेस को सता रही एक और चिंता, बन सकती है हार का कारण

Mon, 27 Mar 2017 11:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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एक अपवाद को छोड़ कर शिमला नगर निगम पर एक छत्र राज करने वाली कांग्रेस पार्टी को इस बार निगम चुनावों में हार का डर सता रहा है। कांग्रेसी कार्यकर्ता चिंतित है कि देश में चल रही मोदी लहर और कांग्रेस में गुटबाजी के कारण नगर निगम चुनावों में पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ सकता है।
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रविवार को राजीव भवन में हुई जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी की बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी शंकाएं जाहिर की। कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि संगठन और सरकार में तालमेल की कमी का फायदा निगम चुनावों में भाजपा को मिलेगा।

पार्टी में तालमेल की इस कदर कमी है कि सचिवालय में पार्टी के लोगों को एंट्री नहीं मिलती और दरबान तक रोक देता है। अब चुनाव सिर पर हैं इसलिए कार्यकर्त्ताओं की याद आ गई है। बैठक में सर्वसम्मति से नगर निगम चुनाव पार्टी सिंबल पर करवाने का प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजने का फैसला लिया गया।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भी इसे लेकर अवगत करवाने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान पार्टी में अनुशासन की कमी पर भी सवाल उठाए गए। कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई न होने के कारण पार्टी के अंदर काली भेड़ों के हौसले बुलंद है।

कार्रवाई के नाम पर महज औपचारिकता की जाती है। बैठक के दौरान कुछ कार्यकर्त्ताओं ने तो पब्लिक के मुद्दे उठाने में पार्टी के विफल रहने तक का आरोप लगा दिया।
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विदेश यात्राएं करते रहे मेयर- डिप्टी मेयर, अफसरों ने भी की मौज

बैठक के दौरान नगर निगम के मेयर डिप्टी मेयर पर भी जमकर निशाना साधा गया। शहरी कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप सिंह भुज्जा ने कहा कि मेयर, डिप्टी मेयर की पांच सालों की उपलब्धि महज विदेश यात्राएं ही रही।

चुनाव घोषणा पत्र में किया एक भी वादा मेयर, डिप्टी मेयर पूरा नहीं कर पाए। 24 घंटे सातों दिन पानी, गोल्फ कार्ट, एस्केलेटर, हर वार्ड में जिम, बंदरों और कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने में नगर निगम पूरी तरह फेल रहा है।

पब्लिक की समस्याएं हल करने की जगह नगर निगम के अफसर भी मौज मस्ती ही करते रहे। बैठक में निगम आयुक्त और अन्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई गई।

इसके अलावा पानी के दोषपूर्ण डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम के लिए नगर निगम को जिम्मेवार ठहराया गया। बैठक में पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों को पूरा करने के लिए सरकार का आभार भी जताया गया।

भवन नियमितीकरण के लिए बढ़े आवेदन की समय सीमा
बैठक में कार्यकर्ताओं ने रिटेंशन पालिसी के तहत भवन नियमितीकरण के लिए आवेदन की समय सीमा बढ़ाने की पुरजोर मांग उठाई। साथ ही भवन नियमितीकरण फीस की दरें कम करने की भी मांग उठाई गई ताकि पात्र लोगों को राहत मिल सके। इसके अलावा उपायुक्त शिमला के माध्यम से तुरंत मालिका हक लागू करने की भी मांग उठाई गई।
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