भारतीय जनता पार्टी हिमाचल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किए बिना मैदान में उतर सकती है। भाजपा ने इसी रणनीति पर अमल करते हुए हाल ही में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर एवं गोवा में सरकार बनाई है।
हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में भी इसी फॉर्मूले से पार्टी सत्तासीन हुई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी इससे इंकार नहीं किया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में किरण बेदी को सीएम प्रोजेक्ट कर करारी हार से सबक लेकर भाजपा हाईकमान अब ऐसा रिस्क नहीं लेना चाहता।
इसीलिए माना जा रहा है कि हिमाचल में भी इसी रणनीति के तहत चुनाव लड़ा जाएगा। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा कहना है कि हिमाचल में भाजपा किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी और मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन होगा इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा है कि समय आने पर ही इस पर फैसला लिया जाएगा।