कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी के पत्र का जवाब देने के लिए राजीव भवन शिमला में पैनल डिस्कशन के पहले दिन कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की नीति पर ही सवाल खड़े कर दिए। प्रदेश के कुछ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवा कांग्रेस और एनएसयूआई जैसे संगठनों में टैलेंट हंट की नीति सही नहीं है।
नेता टैलेंट हंट से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच से ही उभरते हैं। कांग्रेस के कमजोर होने का भी यह एक कारण है। पार्टी के आगामी संगठनात्मक चुनाव में भी ग्राउंड लेवल के नेताओं को तभी तरजीह मिलेगी, जब टैलेंट हंट प्रक्रिया में बदलाव होगा।
60 नेताओं ने दिए कांग्रेस की मजबूती के टिप्स
रविवार को सोनिया के चार सवालों का जवाब देने के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुए पैनल डिस्कशन में 16 टेबल लगाए गए, जिन पर बैठे लगभग 60 नेताओं ने कांग्रेस की मजबूती के लिए अलग-अलग टिप्स दिए।
इस मौके पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव अंबिका सोनी विशेष रूप से मौजूद रहीं। पैनल डिस्कशन की शुरुआत में ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक महासचिव ने कहा कि कांग्रेस को युवाओं को फोकस कर नीतियां बनानी होंगी। नेता टैलेंट हंट से नहीं, बल्कि फील्ड से पार्टी के बीच से आते हैं।
फ्रंटल संगठनों की चुनाव प्रणाली पर सवाल
इसके बाद प्रदेश महिला कांग्रेस की एक बड़ी नेत्री ने भी प्रदेश महासचिव के विचारों का समर्थन किया। कई अन्य नेताओं ने भी फ्रंटल संगठनों की चुनाव प्रणाली पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस की हिमाचल प्रभारी अंबिका सोनी ने जब मीडिया से पूछा कि क्या कांग्रेस कार्यकर्ताओं का टैलेंट हंट से मतलब राहुल गांधी की चुनाव नीति से है।
इस पर उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में सभी कार्यकर्ताओं ने खुलकर बात रखी है। जो बातें भीतर हुई हैं, वही बाहर आनी चाहिए। वह यह मानने तो तैयार नहीं थीं कि कांग्रेस नेताओं का टैलेंट हंट न करवाने से मतलब राहुल गांधी की नीति से था।