हिमाचल कांग्रेस के कार्टरोड स्थित राजीव भवन को अटैच करने की फाइल तैयार हो गई है। यह फाइल टैक्स विभाग से कमिश्नर ऑफिस भी पहुंच गई है। अब आयुक्त को फैसला लेना है कि अटैचमेंट की कार्रवाई कब और कैसे शुरू की जाए। सात साल में पहली बार कांग्रेस भवन को अटैच करने की फाइल तैयार हो पाई है।
हालांकि, सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यालय पर कार्रवाई करना निगम प्रशासन के लिए इतना आसान नहीं होगा, लेकिन जनता के बीच एमसी की निष्पक्ष छवि बनाए रखने को लेकर भी अफसरों पर दबाव बढ़ गया है। लोगों की नजरें एमसी पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन आम जनता की तरह कांग्रेस भवन पर भी कार्रवाई शुरू करेगा या नहीं। उधर, आखिरी नोटिस जारी होने के बावजूद कांग्रेस भवन का प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया गया।
नगर निगम की ओर से कांग्रेस भवन को टैक्स जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था, लेकिन इस समयावधि के पूरा होने के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं हो पाया। निगम प्रशासन के अनुसार कांग्रेस भवन को टैक्स के तौर पर करीब 20 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा करना है। यह टैक्स पिछले करीब सात साल का है। भवन की पार्किंग के टैक्स को लेकर मामला उलझा था, लेकिन इसे भी एमसी ने काफी पहले सेटल कर टैक्स की राशि स्पष्ट कर दी थी।
अटैचमेंट की तैयारी के बीच कांग्रेस में भी हड़कंप
प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर नगर निगम की कार्रवाई से बचने के लिए कांग्रेस के भीतर भी हड़कंप मचा हुआ है। ऐसा नहीं है कि निगम एकाएक यह भवन अटैच कर देगा या भवन के पास टैक्स देने के लिए पैसे नहीं है, लेकिन अब यह कांग्रेस की भी साख का सवाल बन गया है कि टैक्स जमा कर मामले को खत्म किया जाए। सूत्रों के अनुसार टैक्स अदायगी को लेकर पार्टी की ओर से निगम प्रशासन से संपर्क भी किया गया है। कोशिश की जा रही है कि कार्रवाई से पहले ही टैक्स किस्तों के रूप में जमा कर दिया जाए।
अभी मैंने इसकी फाइल देखी नहीं है। नियमानुसार सब पर कार्रवाई की जा रही है। जो लोग प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने को तैयार हो रहे हैं, उन्हें कुछ दिन की राहत भी दे सकते हैं।- जीसी नेगी, आयुक्त, नगर निगम
भवन का कितना टैक्स बनता है, इसका मामला पहले सेटल नहीं हुआ था। हम काफी टैक्स दे चुके हैं, जबकि कुछ देना अभी बाकी है। चैक करेंगे कि जो टैक्स बचता है, उसका जल्द भुगतान हो जाए।- नरेश चौहान, कांग्रेस प्रवक्ता