हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दो सचिवों कुसुम वर्मा और प्रदीप वर्मा के इस्तीफे प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रद्द कर दिए हैं। ये इस्तीफे दोनों पीसीसी सचिवों ने शनिवार को दिए थे। उन्होंने उस दिन खुद को सीएम वीरभद्र सिंह के बयान से आहत बताया था। दूसरे दिन सीएम वीरभद्र सिंह ने भी कहा था कि उन्होंने किसी से इस्तीफे देने को नहीं कहा था। वे तो प्रदेश कांग्र्रेस कमेटी की काम करने की प्रणाली में सुधार की ओर इशारा कर रहे थे।
शिमला ग्रामीण से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिवों कुसुम वर्मा और प्रदीप वर्मा के इस्तीफों को रद्द कर दिया गया है। यह जानकारी देते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि सीएम वीरभद्र सिंह से चर्चा के बाद पाटी सचिवों की ओर से दिए गए इस्तीफों को रद्द कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि वे उनके क्षेत्र से हैं और उन्हें अच्छी तरह से जानते हैं। बातें अब स्पष्ट हो गई हैं। सुक्खू बोले कि सीएम ने इस बीच कहा कि उनके लिए सभी परिवार की तरह हैं। जब भी कोई भावना आती है तो वे प्रकट कर देते हैं। सभी कार्यकर्ताओं के लिए उनका आशीर्वाद रहता है।
युकां के पत्र बम पर सुक्खू का ‘नो कमेंट’
प्रदेश युवा कांग्रेस की ओर से जारी पत्र बम पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कुछ भी कहने से इंकार किया। मंगलवार को प्रदेश युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कुछ नेताओं ने ये बयान जारी किया था कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी में चुनाव से ही पदाधिकारियों का चयन होना चाहिए।