प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने पार्टी के प्रति नाराजगी जताते हुए शुक्रवार को पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष पद छोड़ने का एलान कर दिया। बिलासपुर में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि वह जल्द अपना त्यागपत्र हाईकमान को भेजेंगे। वह चुनाव प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष पद और राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य के नाते काम करते रहेंगे। इसके लिए वह राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के आभारी हैं। इस दौरान कुछ क्षण के लिए वह भावुक भी हुए।
रामलाल ने कहा कि जब वीरभद्र सिंह पहली बार हिमाचल कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे, तब से उन्हें दो पदों उपाध्यक्ष और महासचिव पद पर ही कार्यभार दिया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं में सीएम पद के उम्मीदवार के लिए लगी होड़ भी पार्टी हित में नहीं है। सीएम पद के लिए चार-चार उम्मीदवार हैं। अमर उजाला से बात करते हुए ठाकुर ने कहा कि राजस्थान के उदयपुर में हुए चिंतन शिविर में पार्टी हाईकमान ने निर्देश दिए थे कि जो पदाधिकारी लंबे अरसे से एक ही पद पर बने हुए हैं, उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए, ताकि दूसरों को आगे आने का मौका मिले।
उन्होंने कहा कि लंबे अरसे से वह प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष पद पर हैं, इसी के चलते इस पद से त्यागपत्र देंगे। उन्होंने कहा कि हाईकमान विधानसभा चुनाव में उन्हें उतारना नहीं चाहती तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। वह पार्टी संगठन में एक सच्च सिपाही की तरह काम करते रहेंगे। अन्य लोगों को भी इन पदों पर काम करने का मौका मिलना चाहिए। ठाकुर ने कहा कि मैं 1972 से संगठन की सेवा कर रहा हूं। 1985 से पहले एनएसयूआई, युवा कांग्रेस में विभिन्न पदों पर काम किया। वर्ष 1985 के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महासचिव व उपाध्यक्ष के पद रहा हूं।