न ही भाजपा ने अपने चुनावी वायदों को पूरा करने की प्रतिबद्धता इस बजट में दर्शाई है। राजेंद्र राणा ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार पर प्रदेश को कर्जे में डुबोने का आरोप लगाने वाली भाजपा सरकार ने पिछले दो महीनों के दौरान ही दो हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले लिया है।
उन्होंने कहा जयराम सरकार का यहा बजट औरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत वाली कहावत को चरितार्थ करता है। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की उम्मीद भी इस बजट से नहीं झलकती।
राणा ने कहा कि प्रदेश की जनता ने जिन उम्मीदों के साथ भाजपा को सत्ता सौंपी थी, इस बजट ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।