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कांग्रेस विधायक बोले, मुख्यमंत्री जी हम आपके साथ हैं

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सीबीआई की छापामारी के चंद घंटों बाद कांग्रेस ने रविवार सुबह 11.30 बजे ओक ओवर में विधायक दल की आपात बैठक बुलाई। इसमें सभी सदस्यों ने वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में आस्था जताई और उनके समर्थन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस हाईकमान को भेजा।
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विधायक दल ने सोनिया गांधी की ओर से हिमाचल सरकार के पक्ष में खड़े होने और समर्थन देने पर भी आभार जताया। यही नहीं चार निर्दलीय विधायकों ने भी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से सरकारी आवास ओक ओवर में मुलाकात की और उनके समर्थन में खड़े होने की बात की। निर्दलीय विधायकों ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस की।

राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेगी प्रदेश कांग्रेस

दूसरा प्रस्ताव यह पारित किया कि प्रदेश कांग्रेस राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपेगी, जिसमें बताया जाएगा कि राज्य की लोकतांत्रिक कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने के लिए प्रदेश भाजपा के इशारे पर केंद्रीय भाजपा नेतृत्व राजनीतिक विद्वेष की भावना से कार्रवाई कर रहा है।

विधायक दल ने कहा कि केंद्र सरकार भाजपा शासित राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र में उजागर हुए विभिन्न घोटालों में उन्हें संरक्षण देकर दोहरे मापदंड अपना रही है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। सुषमा स्वराज का ललित मोदी के संरक्षण का मामला है। विधायक दल की बैठक में आबकारी मंत्री प्रकाश चौधरी को छोड़कर मुख्यमंत्री सहित कांग्रेस के सभी विधायक मौजूद रहे।

विधायकों ने इस बात पर जताया असंतोष

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के घर में हुई छापेमारी के दूसरे दिन बुलाई गई विधायक दल की बैठक में विकास कार्यों, चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का मामला भी गरमाया रहा। बैठक में मुख्यमंत्री समेत मंत्रिमंडल की सदस्य और पार्टी के विधायक मौजूद रहे। चाय-पानी के दौर के बाद बैठक में पहले सीबीआई के छापेमारी को लेकर बातें होती रही।

एकाएक विधायक और मंत्री ने विकास कार्य की बातें छीड़ गई। बातों बातों में कहा गया कि तीन चार विधानसभा क्षेत्रों को छोड़कर विकास धीमे पड़ गए हैं। विधायक प्राथमिकता की डीपीआर लंबित है। विभागों के अधिकारी भी कार्य में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की फौज को लेकर भी विधायकों ने असंतोष जताया।

पंचायत चुनाव के बारे में भी हुई चर्चा

ऐसे में कुछे मंत्रियों और विधायकों ने कहा कि जिस कार्य के लिए बैठक बुलाई गई है उस पर चर्चा होनी चाहिए। यह समय इन सारी बातों के लिए नहीं है। विधायक दल की बैठक में पंचायत के चुनाव के बारे में भी चर्चा हुई। इसमें कहा गया कि प्रदेश में पंचायत चुनाव आने वाले हैं। यह चुनाव अहम माने जाते हैं। इसके लिए भी रणनीति जरूरी है।

अगर पंचायत में कार्य नहीं होते तो लोग पार्टी से संबंधित प्रत्याशी प्रधानों को वोट नहीं देंगे। विधायक दल की बैठक में मंत्रियों और विधायक ने एक सुर में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का साथ देने की बात कही। सीबीआई की छापेमारी के लिए भाजपा सरकार को दोषी ठहराया गया। बैठक में एकजुटता का प्रस्ताव पारित करने के बाद हाईकमान को भेजने का फैसला लिया गया।

भाजपा ने वीरभद्र से इस्तीफा मांगा, जनमत संग्रह करने को कहा

हिमाचल भाजपा ने सीबीआई की छापामारी और मामला दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस्तीफे की मांग की है। साथ ही ऐसे समय में प्रदेश सरकार को भंग कर जनमत संग्रह की भी बात की है। भाजपा के प्रदेश महासचिव डा. राजीव बिंदल ने कहा कि अगले सप्ताह भाजपा ने विधायक दल की बैठक भी बुलाई है। इसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी।

पार्टी के प्रदेश महासचिव डा. राजीव बिंदल, पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, विधायक बलदेव तोमर, गोविंद राम, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता गणेश दत्त और जिला शिमला भाजपा के अध्यक्ष मदन शर्मा ने शिमला में संयुक्त रूप से रविवार को पत्रकार वार्ता कर यह बातें कहीं। भाजपा के प्रदेश महासचिव डा. राजीव बिंदल ने कहा कि वे भाजपा और विधायक दल दोनों की ओर से स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं।

इस्तीफा दें वीरभद्र

उन्होंने कहा कि भाजपा एवं भाजपा विधायक दल तत्काल वीरभद्र सिंह से इस्तीफे की मांग करता है। यह सरकार पूरी तरह से जनता का विश्वास खो चुकी है। यह मामला केंद्र में यूपीए सरकार के समय ही सामने आ चुका था। केंद्र में भाजपा की सरकार को आए तो अभी बहुत थोड़ा समय हुआ है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में यूपीए सरकार थी, उस समय जरूर सीबीआई का दुरुपयोग किया गया है। अभी ऐसा कुछ नहीं हो रहा। डा. बिंदल ने कहा कि उन्होंने अपने ऊपर एक कार्रवाई के बाद खुद मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।

चुनाव आयुक्त रखें पद की गरिमा का ध्यान- डा. बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राज्य चुनाव आयुक्त टीजी नेगी को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। वह सीबीआई के छापे के समय हॉली लॉज पर थे। इस साल पंचायत के चुनाव हैं। ऐसे में इस महत्वपूर्ण पद पर बैठे अधिकारी के इस तरह की घटना के समय उपस्थित होने से आगामी चुनाव की प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा होता है। टीजी नेगी को पहले इस्तीफा देना चाहिए।
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माकपा ने मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा

माकपा के राज्य सचिवालय सदस्य एवं पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने सीबीआई जांच मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस्तीफे की मांग की है। प्रेसवार्ता में बोलते हुए सिंघा ने कहा कि मुख्यमंत्री के घर सीबीआई की छापेमारी होना हिमाचल के लिए शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि अगर वीरभद्र सिंह सीएम पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह प्रदेशभर में आंदोलन करेंगे।

उन्होंने कहा कि माकपा ने जब मंडी जिले के कमांद में गोलीकांड हुआ उस वक्त माकपा ने इसका विरोध किया था, लेकिन प्रदेश सरकार ने माकपा नेताओं पर मुकदमे दर्ज कराए। प्रदेश में मुख्यमंत्री के घर छापेमारी करने पर अब सरकार चुप बैठी है। उन्होंने प्रेसवार्ता में भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में कई मंत्री घोटाले में फंसे है, उन्होंने इन पूर्व मंत्रियों के खिलाफ भी जांच की मांग की है।
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