इंद्रदत्त लखनपाल, सुधीर शर्मा, राजेश धर्माणी।
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कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा, इंद्रदत्त लखनपाल, चंद्रशेखर, रवि ठाकुर और मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर को अपने-अपने जिलों की योजना एवं बीस सूत्रीय कार्यक्रम कमेटियों की कमान सौंपी गई है। जिला योजना, विकास एवं बीस सूत्रीय कार्यक्रम समीक्षा समिति के अध्यक्षों की कमान इन नेताओं को भी दी गई है। पहले पंचायती राज एक्ट के तहत जिला कांगड़ा की योजना कमेटी के अध्यक्ष कृषि मंत्री चंद्र कुमार बनाए गए थे। अब बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं जिला योजना कमेटी में धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा भी लिए गए हैं, जबकि पंचायती राज एक्ट के तहत बिलासपुर की जिला योजना कमेटी के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बनाए गए थे। अब घुमारवीं के कांग्रेस विधायक राजेश धर्माणी इस नई बीस सूत्रीय समिति के अध्यक्ष होंगे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह जिला हमीरपुर में पंचायती राज एक्ट के तहत बनाई गई जिला योजना कमेटी की कमान दी गई है। अब नई कमेटी यह जिम्मा बड़सर के कांग्रेस विधायक इंद्रदत्त लखनपान के पास रहेगा। मंडी में पंचायती राज एक्ट के तहत बनी जिला योजना समिति के अध्यक्ष पहले लोेक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह बनाए गए थे। अब नई कमेटी की जिम्मेदारी धर्मपुर के कांग्रेस चंद्रशेखर को दी गई है। लाहौल स्पीति में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पहली कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए थे, अब नई कमेटी की कमान रवि ठाकुर के पास होगी। पंचायती राज एक्ट के तहत कुल्लू की कमान पहले कुलदीप सिंह पठानिया को दी गई। अब जिला कुल्लू की बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं जिला योजना कमेटी की कमान कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर के पास रहेगी।
सुधीर शर्मा, राजेश धर्माणी जैसे जिलों के बड़े नेताओं की अनदेखी से कांग्रेस खेमे में थी नाखुशी
कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा, राजेश धर्माणी जैसे जिलों के बड़े नेताओं की पंचायती राज एक्ट के तहत बनी जिला याेजना कमेटी में अनदेखी होने के कारण कांग्रेस के एक खेमे में नाखुशी थी। यह नाराजगी अंदरखाते राज्य सरकार के सामने प्रकट होनी शुरू हो गई थी। सूत्रों के अनुसार इस पर सरकार ने जिला योजना, विकास एवं बीस सूत्रीय कार्यक्रम समीक्षा समिति में इन नेताओं को कमान दी है। हमीरपुर जिले से सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा को इनमें से किसी भी कमेटी में अभी कमान नहीं मिल सकी है। सुधीर, धर्माणी और राणा जैसे नेता मंत्री पद की दावेदारी में भी रह चुके हैं।