राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास किसी नेता की बेनामी संपत्तियों की कोई सूची है तो वे इसे जारी करें। ये कोई चाय की दुकान नहीं है कि कहीं भी कुछ भी कह लें। आनंद शर्मा ने पत्रकार वार्ता में पूछे गए सवाल का जवाब दिया।
आनंद शर्मा ने बुधवार को राजीव भवन शिमला में पत्रकार वार्ता की। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुगलकी फरमान जारी कर देश की अर्थव्यवस्था को पटरी से बाहर कर दिया। साल 2016 में मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की। ये निर्णय उनका अपना था।
इसे कैबिनेट के साथ चर्चा करके नहीं लिया गया। फ र्जी करेंसी की महज 0.0013 प्रतिशत की ही वसूली हो पाई है। आतंकवाद की स्थिति भी जस की तस बनी हुई है।
देश में नोटबंदी के कारण 143 लोगों की मौत हो गई। वह वित्त मंत्री को बताना चाहते हैं कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की उन्होंने बात सुन ली होती तो इतना नुकसान नहीं होता।
हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर आनंद शर्मा का नो कमेंट
आनंद शर्मा ने हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर किसी भी तरह का कमेंट करने से इंकार किया। शर्मा ने कहा कि वे नोटबंदी और जीएसटी पर ही बात कर पाएंगे।
शर्मा से प्रदेश के 45 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबे होने के बाद इसके हिमाचल की अर्थव्यवस्था के पटरी पर नहीं आने पर सवाल किया गया तो वे बोले कि इस पर बाद में बात करेंगे।