प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन नरेश चौहान ने सीबीआई और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। चौहान का कहना है कि आठ महीने की जांच के बाद भी केंद्रीय एजेंसी खाली हाथ है।
कस्टडी के दौरान सूरज की मौत मामले में हेड कांस्टेबल के वायरल पत्र ने सबको चौंका दिया है। आरोपी अभी तक गिरफ्त से बाहर हैं। अब तो प्रदेश में सरकार भी भाजपा की है, सीबीआई भी इनकी है।
बावजूद इसके आरोपी सलाखों के पीछे क्यों नहीं? कहा कि विपक्ष में रहते भाजपा ने इस मामले पर जमकर राजनीति की, लेकिन अब मौन है।
कांग्रेस सरकार ने इस मामले में एसआईटी गठित करने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई को सौंप दी थी, जबकि केंद्र ने प्रदेश सरकार की सीबीआई जांच की सिफारिश पर कोई निर्णय नहीं लिया।
कांग्रेस इस मामले में दलगत राजनीति से दूर रही। उनकी यही मांग है कि असली आरोपी सलाखों के पीछे होने चाहिए। कहा कि हेड कांस्टेबल की तरफ से राज्यपाल, चीफ जस्टिस और सीएम को लिखे पत्र ने सीबीआई जांच पर भी सवालिया निशान लगाया है।
इसलिए सरकार को जांच किसी अन्य एजेंसी को सौंपनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीबीआई के आरोपियों को ढूंढ निकलने में अब तक विफल रहने पर तो पूरे मामले की न्यायिक जांच की जरूरत महसूस हो रही है।
कांग्रेस पीड़ित परिवार के लिए न्याय चाहती है। अगर सरकार ने कोई कदम जल्द नहीं उठाया तो पार्टी को आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।