हिमाचल प्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्रों भोरंज और कुटलैहड़ में कांग्रेस के प्रत्याशी बीते 35 वर्षों से जीत दर्ज नहीं कर सके हैं। झंडूता, सराज और धर्मपुर में बीते 25 वर्षों से कांग्रेस जीत के लिए ऐड़ियां घिस रही है। प्रदेश में आठ विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी बीते 15 से 20 साल से जीत का इंतजार कर रही है। हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा जिले की कई सीटों पर कांग्रेस की लगातार हार हो रही है। प्रदेश में सत्ता वापसी के लिए अब इन विधानसभा क्षेत्रों पर पार्टी नेताओं को बहुत अधिक ध्यान देने की जरूरत है। प्रदेश के इन 13 विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ तो सत्ता में आने की राह बहुत मुश्किल होगी।
जिला हमीरपुर के भोरंज विधानसभा क्षेत्र से आखिरी बार कांग्रेस प्रत्याशी की जीत वर्ष 1985 के चुनावों में हुई थी। धर्म सिंह के बाद अभी तक कांग्रेस इस सीट को जीत नहीं सकी है। इस सीट से लगातार छह बार भाजपा प्रत्याशी ईश्वर दास धीमान जीतते रहे हैं। इसी तरह जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का प्रत्याशी वर्ष 1985 के बाद जीत नहीं सका है। वर्ष 1985 में कांग्रेस प्रत्याशी रामनाथ शर्मा ने इस सीट को पार्टी की झोली में डाला था। वर्तमान कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर इस सीट को लगातार चार बार जीतते आ रहे हैं। जिला मंडी के सिराज विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्ष 2017 के चुनावों में लगातार पांचवीं जीत दर्ज की है।
यहां कांग्रेस प्रत्याशी को आखिरी बार वर्ष 1993 में जीत प्राप्त हुई थी। कांग्रेस के मोती राम यहां से जीते थे। धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को वर्ष 1993 में जीत मिली थी। तब महेंद्र सिंह ठाकुर कांग्रेस की टिकट पर जीते थे। इसके बाद महेंद्र सिंह ने कांग्रेस छोड़ दी थी। महेंद्र सिंह इस सीट पर लगातार सात बार जीत चुके हैं। जिला बिलासपुर के झंडूता विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस 1993 के बाद नहीं जीती है। यहां बीरू राम किशोर ने पार्टी के लिए जीत दर्ज की थी। कांग्रेस पार्टी के लिए इन चार सीटों को फतह करने के लिए अभी तक कोई कद्दावर नेता हीं नहीं मिले हैं।
सात विधानसभा सीटों पर तीन चुनावों से हो रही हार
कांग्रेस को प्रदेश के सात विधानसभा क्षेत्रों शिमला शहरी, हमीरपुर, इंदौरा, नाचन, सरकाघाट, शाहपुर और कसौली में लगातार तीन चुनावों से हार का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस को वर्ष 2003 के चुनावों के बाद से जीत नहीं मिली है। इसके अलावा पांवटा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस बीते चार चुनावों से लगातार हार रही है।
इस बार पार्टी उतारेगी मजबूत प्रत्याशी : सुक्खू
कांग्रेस की चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि लगातार हारने वाली सीटों पर पार्टी इस बार मजबूत प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारेगी। पार्टी इन सभी सीटों को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। भाजपा की नीतियों से प्रदेश की जनता तंग आ चुकी है। कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में भारी बहुमत से जीत दर्ज होगी।