हिमाचल की 68 विधानसभा सीटों पर दावेदार उतारकर फिर सत्ता में आने की तैयारी कर रही कांग्रेस चुनाव से पहले कंगाल हो गई है। हालत यह है कि नगर निगम से बार-बार नोटिस मिल रहे हैं। लेकिन, कांग्रेस भवन के पास प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने के लिए 20 लाख रुपये तक नहीं हैं।
फंड की कमी के चलते कांग्रेस को टैैक्स जमा करवाने के लिए एक हफ्ते का समय मांगना पड़ा है। पार्टी का कोई भी नेता या विधायक टैक्स अदायगी के लिए आगे नहीं आ रहा। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहे हैं कि चुनाव प्रचार के लिए पार्टी कहां से पैसा जुटाएगी? कैसे भाजपा के चुनाव अभियान को टक्कर दी जाएगी।
बहरहाल, निगम प्रशासन ने भी कांग्रेस भवन को पैसों की अदायगी के लिए एक हफ्ते का समय दे दिया है। इससे पहले निगम ने भवन के अटैचमेंट को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी थी लेकिन अब अचानक कांग्रेस भवन टैक्स का कुछ हिस्सा जमा करवाने को तैयार हो गया। नगर निगम आयुक्त जीसी नेगी का कहना है कि भवन प्रबंधन से टैक्स जमा करवाने को लेकर सूचना मिली है। टैक्स भरने के लिए कुछ समय मांगा गया है।
विधायक बलवीर को फिर नोटिस
नगर निगम से टैक्स का सही आकलन करवा रहे हैं। इसकी अदायगी भी की जा रही है। इसके लिए निगम से कुछ समय मांगा है, जिससे फंड जुटाकर तुरंत भुगतान हो सके। - नरेश चौहान, कांग्रेस प्रवक्ता
विधायक बलवीर वर्मा को भी टैक्स जमा न करने पर फिर से नोटिस जारी किया गया है। निगम प्रशासन के अनुसार विधायक को करीब 50 लाख रुपये टैक्स देना है।
लेकिन विधायक की ओर से टैक्स के आकलन को लेकर कुछ आपत्ति जताई गई थी। अब प्रशासन ने इनकी जांच कर विधायक को फिर से नोटिस भेज दिया है।
इतनी मेहरबानी क्यों दिखा रहा निगम
मेयर कुसुम सदरेट
- फोटो : File Photo
कांग्रेस भवन के टैक्स जमा न करने के बावजूद निगम कार्रवाई से डर रहा है। आखिरी नोटिस देने के बाद भी जब भवन का टैक्स जमा नहीं हुआ तो टैक्स विभाग ने अटैचमेंट की फाइल भी तैयार कर दी। लेकिन, निगम ऑफिस पहुंचते ही यह फाइल दब गई।
यही नहीं, एचआरटीसी, सीपीडब्ल्यूडी और आईजीएमसी जैसे विभागों से भी करोड़ों रुपये का टैक्स वसूलना है। लेकिन, निगम इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
इस पर मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि निगम टैक्स वसूलने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन कई विभाग इसे जमा नहीं कर रहा।