उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत कॉलेजों को बजट जारी करती है। नैक से मूल्यांकन करवाने वाले शिक्षण संस्थानों को यह बजट मिलता है। ऐसे में सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को इस संदर्भ में जल्द कार्यवाही करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जारी हुए बजट को भी कॉलेज तय समय के भीतर खर्च करें। किए गए काम का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट समय से रूसा निदेशालय में जमा करवाएं। जो संस्थान निर्धारित समय के भीतर यूसी नहीं देंगे, उन्हें भी आगामी बजट जारी नहीं होगा।
इस दौरान शिक्षा सचिव ने कॉलेज प्रिंसिपलों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने शिक्षा सचिव को विश्वास दिलाया कि प्रिंसिपलों और विभाग के सहयोग से उच्च
शिक्षा में नए आयाम स्थापित किए जाएंगे। सम्मेलन में संयुक्त निदेशक दीक्षा मल्होत्रा, राकेश भारद्वाज, प्रमोद चौहान और सोनिया ठाकुर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।