फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नैक से मूल्यांकन नहीं करवाने वाले कॉलेज प्रिंसिपलों की लगी क्लास

Sun, 02 Dec 2018 10:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

नैक से मूल्यांकन नहीं करवाने वाले प्रदेश के डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपलों की शनिवार को खूब क्लास लगी। राजधानी शिमला में रूसा फंडिंग का उच्च शिक्षण संस्थानों पर प्रभाव विषय को लेकर सम्मेलन हुआ।

विज्ञापन


इसकी अध्यक्षता करते हुए शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने प्रिंसिपलों को अपनी जिम्मेवारियों को सही तरीके से निभाने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि नैक से मूल्यांकन करवाना अति आवश्यक है। ऐसा नहीं होने पर रूसा ग्रांट पर भी असर पड़ेगा।

उन्होंने प्रिंसिपलों को समय से यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट देने के निर्देश भी दिए। सम्मेलन में 120 डिग्री कॉलेजों और संस्कृत कॉलेजों के प्रिंसिपल मौजूद रहे। इस अवसर पर शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने उच्च शिक्षा में गुणात्मकता लाने के लिए सरकार की वचनबद्धता को दोहराया।

विज्ञापन
विज्ञापन

कॉलेज प्रिंसिपलों को दिए ये आदेश

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत कॉलेजों को बजट जारी करती है। नैक से मूल्यांकन करवाने वाले शिक्षण संस्थानों को यह बजट मिलता है। ऐसे में सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को इस संदर्भ में जल्द कार्यवाही करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जारी हुए बजट को भी कॉलेज तय समय के भीतर खर्च करें। किए गए काम का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट समय से रूसा निदेशालय में जमा करवाएं। जो संस्थान निर्धारित समय के भीतर यूसी नहीं देंगे, उन्हें भी आगामी बजट जारी नहीं होगा।

इस दौरान शिक्षा सचिव ने कॉलेज प्रिंसिपलों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया।  उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने शिक्षा सचिव को विश्वास दिलाया कि प्रिंसिपलों और विभाग के सहयोग से उच्च

शिक्षा में नए आयाम स्थापित किए जाएंगे। सम्मेलन में संयुक्त निदेशक दीक्षा मल्होत्रा, राकेश भारद्वाज, प्रमोद चौहान और सोनिया ठाकुर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें