कोविड-19 के खिलाफ जंग में हिमाचल प्रदेश के राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) के नाम एक और उपलब्धि हो गई है। कोविड टेस्ट की केंद्रीयकृत निगरानी के लिए पोर्टल व मोबाइल एप बनाने के बाद हिमाचल एनआईसी ने एक मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम (एमआईएस) और मोबाइल एप तैयार किया है। इसकी मदद से पीएम केयर्स के जरिये देशभर के सभी राज्यों को मिलने वाले एक लाख ऑक्सीजन कंसंट्रेटरों की मूवमेंट की निगरानी की जाएगी। एनआईसी हिमाचल के प्रमुख अजय सिंह चहल की एक टीम पंद्रह दिन से यह एप और सिस्टम तैयार करने में जुटी थी।
कोरोना की तीसरी लहर से खासकर ग्रामीण इलाकों के हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर तैयार करने के लिए यह कवायद की गई है। जानकारी के अनुसार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिल्ली से जिस राज्य के जिले के लिए भेजे जाएंगे, उनके वहां प्राप्त होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हर कंसंट्रेटर की पैकिंग में लगे विशेष बार कोड को स्कैन कर फोटो के साथ जानकारी एप पर अपलोड करेंगे। इससे सुनिश्चित होगा कि जिस जगह के लिए जितने कंसंट्रेटर भेजे गए हैं, वहां उतने ही पहुंचे हैं। पीएम केयर्स के पैसे से खरीदे गए वेंटिलेटरों को भेजने के दौरान हुई परेशानी को देखते हुए इस बार सूचना प्रौद्योगिकी की मदद ली जा रही है।
हिमाचल को आज मिलेंगे 773 कंसंट्रेटर
शुरूआती दौर में हिमाचल को ओएनजीसी के जरिये 773 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजे गए हैं। ये मंगलवार तक सूबे के स्वास्थ्य अधिकारियों को मिल जाएंगे। एनएचएम के एमडी डॉ. निपुण जिंदल ने इसकी पुष्टि की है। कंसंट्रेटर पीएम केयर्स के निर्देश पर ओएनजीसी अपने गोदाम से संबंधित जिलों के सीएमओ को भेजेगा और सीएमओ अपने जिले के अंतर्गत आने वाले प्रदेश के कुल 773 ग्रामीण क्षेत्रों के हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों पर इन्हें स्थापित कराएंगे। स्थापित होने के बाद अगले चौदह दिन उनके सुचारु रूप से चलने की जानकारी भी इसी एप में दर्ज की जाएगी। तकनीकी दिक्कत होने पर एप के माध्यम से ही सीधे कंसंट्रेटर बनाने वाली कंपनी तक शिकायत की जा सकेगी।