गाड़ी चलाने के शौकीन युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। अब चालक को लाइसेंस बनाने के लिए बार-बार कंप्यूटर टेस्ट नहीं देना पड़ेगा। अगर किसी के पास छोटे वाहन का लाइसेंस बना है तो वह बड़े वाहन के लिए बिना कंप्यूटर टेस्ट दिए लाइसेंस बना सकेगा। इससे पहले अकसर चालक कंप्यूटर टेस्ट में फेल हो जाते थे।
ऐसे में प्रदेश में हजारों चालकों को लाइसेंस जारी नहीं हो पाए थे। अब नए आदेशों से वाहन चालकों को राहत मिलेगी। इसके लिए ऑनलाइन कंप्यूटर टेस्ट देना पड़ता था। हालांकि, अब भी चालक को ग्राउंड में फिजिकल ड्राइविंग टेस्ट देना अनिवार्य होगा। कंप्यूटर टेस्ट में पास होकर अपना लाइसेंस ले चुका टू व्हीलर चालक भी बिना कंप्यूटर टेस्ट दिए फोर व्हीलर का लाइसेंस बनवा सकता है।
वाहन चालक को अपना दूसरा लाइसेंस लेने के लिए पूरी औपचारिकताएं करनी होंगी और ग्राउंड टेस्ट पास करना होगा। इससे पहले लाइसेंस लेने वाले लोगों में यह भ्रम बना हुआ था कि दूसरे ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भी कंप्यूटर टेस्ट देना होगा। बताया जाता है कि ग्राउंड टेस्ट में चालक भले ही मास्टर हों लेकिन कंप्यूटर टेस्ट में कई चालक फेल हो जाते हैं।
इससे उन्हें दूसरा लाइसेंस लेना मुश्किल दिखता था लेकिन इस प्रक्रिया से अब वाहन चालकों को राहत मिली है। एसडीएम पालमपुर अजीत भारद्वाज ने कहा कि किसी चालक के पास एक बार लाइसेंस बना हुआ तो उसे दोबारा कंप्यूटर टेस्ट नहीं देना होगा। उसका पहला टेस्ट ही मान्य होगा। लेकिन, उसे अन्य औपचारिकताएं पूरी कर और ग्राउंड टेस्ट देना होगा। Published by Arvind Thakur