प्रदेश के 1100 से अधिक सरकारी स्कूलों में निजी कंपनी के तहत आउटसोर्सिंग पर रखे कंप्यूटर शिक्षकों की गर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है।
बुधवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश जारी कर आउटसोर्सिंग पर रखे कंप्यूटर शिक्षकों की छुट्टियों के दौरान स्कूलों में उपस्थिति सुनिश्चित करवाने को कहा है।
शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने छुट्टियों के दौरान स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों से कंप्यूटर लैब के कामकाज को दुरुस्त करवाने को कहा है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के कई स्कूलों में आईटी शिक्षा देने का जिम्मा नाइलिट कंपनी को दिया है।
एमओयू में ये प्रावधान
कंपनी के साथ हुए एमओयू में कहा गया है कि आउटसोर्स आधार पर रखे गए कंप्यूटर शिक्षकों को महीने में एक कैजयुल लीव देने का प्रावधान है। यह छुट्टी भी स्कूल प्रिंसिपल की मंजूरी के बाद दी जाती है।
ऐसे में इन शिक्षकों को अन्य छुट्टियां देने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में सभी स्कूल प्रिंसिपलों की यह जिम्मेवारी बनती है कि वे छुट्टियों के दौरान कंप्यूटर शिक्षकों की स्कूलों में उपस्थिति सुनिश्चित करवाएं।
कंपनी के तहत रखे हैं 1428 कंप्यूटर शिक्षक
नाइलिट कंपनी ने 1428 कंप्यूटर शिक्षकों को प्रदेश के 1100 स्कूलों में तैनाती दी है। कंपनी को पहली अप्रैल से लेकर 30 जून तक सरकार ने तीन महीने की एक्सटेंशन दी है। वीरवार को एक्सटेंशन की अवधि समाप्त होगी।
कंप्यूटर शिक्षक संघ कंपनी को दोबारा एक्सटेंशन देने के विरोध में है। एक जुलाई को संघ ने शिमला में सभी जिलों के पदाधिकारियों को बुलाया है। पहली जुलाई को कंप्यूटर शिक्षक संघ बैठक कर आगामी रणनीति बनाएगा।