प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आउटसोर्सिंग पर नियुक्त आईटी शिक्षकों की हाजिरी का ब्योरा निदेशालय नहीं भेजने वाले प्रिंसिपलों की तनख्वाह से शिक्षकों को वेतन अदायगी की जाएगी। हाजिरी भेजने में लापरवाही बरत रहे प्रिंसिपलों पर शिकंजा कसने के लिए निदेशालय ने प्रिंसिपलों की तनख्वाह काटने का फैसला लिया है।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा ने इस बाबत प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में 1400 से अधिक शिक्षक कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए नाइलेट कंपनी के माध्यम से स्कूलों में नियुक्त किए गए हैं। शिक्षा निदेशालय नाइलेट कंपनी को प्रतिमाह शिक्षकों को वेतन देने के लिए बजट जारी करता है।
सभी स्कूलों से महीने भर की हाजिरी के आधार पर शिक्षकों को वेतन दिया जाता है। हाजिरी भेजने के बाद निजी कंपनी को निदेशालय द्वारा फंड जारी किया जाता है। निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक करीब 80 स्कूलों से प्रिंसिपलों ने कंप्यूटर शिक्षकों की हाजिरी नहीं भेजी है।
इन प्रिंसिपलों को हाजिरी भेजने के लिए निदेशालय की ओर से कई बार पत्र जारी किए गए लेकिन प्रिंसिपलों ने आदेशों का पालन नहीं किया। अब निदेशालय ने सख्ती बरतते हुए स्कूल प्रिंसिपलों की तनख्वाह सेे कंप्यूटर शिक्षकों को वेतन देने का फैसला लिया है।