कांगड़ा के निर्दलीय विधायक पवन काजल के खिलाफ शिमला में लोकायुक्त के पास एक शिकायत हुई है। इसमें एक ठेके में लेटलतीफी के कारण सरकारी कोष को लगे एक करोड़ 95 लाख के नुकसान का हवाला देते हुए इसकी रिकवरी विधायक पवन काजल, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता नॉर्थ जोन या अधीक्षण अभियंता पालमपुर से करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता अश्वनी कुमार गुप्ता ने शिकायत अधिवक्ता विनय शर्मा और दिनेश भनोट के माध्यम से की है। आरोप है कि जयसिंहपुर के तलवाड़ बालकरूपी में एक पॉलीटेक्निक भवन के निर्माण का ठेका 30 दिसंबर, 2009 को चार करोड़ 45 लाख में दिया गया था। उस समय पवन काजल विधायक नहीं थे।
इस पर काजल ने 17 दिसंबर, 2011 को काम शुरू किया। यानी काम में दो साल लग गए। दस प्रतिशत काम पूरा होने के बाद पवन काजल को 45 लाख 62 हजार 875 रुपये रिलीज किए गए। 10 मई, 2013 को पवन काजल ने काम छोड़ दिया। इसके बाद 23 सितंबर 2014 को इसका रिटेंडर हुआ।
यह पांच करोड़ 95 लाख 57 हजार 960 रुपये में हुआ। इस तरह से एक करोड़ 95 लाख का सरकारी कोष को नुकसान हुआ। लोकायुक्त के पास दायर शिकायत में विधायक पवन काजल, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता उत्तरी जोन और एसई पालमपुर को पार्टी बनाया गया है। अधिवक्ता विनय शर्मा ने बताया कि इसके लिए शिकायतकर्ता की तरफ से बाकायदा हलफनामा दायर किया गया है।
मैंने कोई गलत काम नहीं किया। शिकायतकर्ता घटनास्थल के पास अपना मकान बनाने को सड़क निकालना चाहते हैं। स्थानीय लोग इसका विरोध कर कर रहे हैं। इसीलिए ही वह मामले को उठा रहे हैं। छह-सात महीने से वे इसी काम में लगे हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं। मुझे न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है। लोकायुक्त में भी शिकायत की है तो इसमें भी सच सामने आ जाएगा।
- पवन काजल, निर्दलीय विधायक, कांगड़ा