प्रदेश सरकार अपने पावर प्रोजेक्टों की स्थापना के दौरान प्रभावित होने वाले लोगों को हर हाल में मुआवजा देगी। शुक्रवार को बहुउद्देशीय परियोजना एवं ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने विधानसभा में यह बात कही। स्पष्ट किया कि सरकार हर प्रोजेक्ट के दौरान प्रभावित होने वाले हर व्यक्ति को चिह्नित कर उसे मुआवजा देती है।
फिर भी अगर कुछ पात्र लोग प्रभावित होने के बाद भी वंचित रह गए हैं तो उन्हें भी रिव्यू के बाद मुआवजा दिया जा सकता है। शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान चुराह से विधायक हंसराज ने सरकार की चमेरा चरण 1 योजना के निर्माण के दौरान प्रभावित हुए लोगों को मुआवजा देने के संदर्भ में सवाल पूछा था।
उनका कहना था कि सरकार ने अभी तक प्रभावित लोगों को मुआवजा नहीं दिया। यही वजह है कि उन्हें कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस योजना के दौरान 262 परिवार आधिकारिक रूप से प्रभावित हुए जिन्हें सरकार ने मकान और कृषि उपयोग भूमि देकर मुआवजा दिया था।
फिर भी अगर कुछ लोग प्रभावित हुए हैं तो स्थानीय विधायक अगर सूचित करते हैं तो कमेटी गठित कर पात्र प्रभावितों को चिह्नित कर लेंगे। वहीं कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी और एलएडीएफ के पैसे के खर्च को लेकर भी
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों और उनके स्थायीकरण के लिए इस पैसे के इस्तेमाल को सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने भी हर कंपनी द्वारा एलएडीएफ जमा कराना सुनिश्चित कराने को कहा।