हिमाचल प्रदेश में करुणामूलक नौकरियों के लिए अब पूरे परिवार की सालाना आय सीमा तीन लाख रुपये कर दी गई है। इसमें प्रतिव्यक्ति आय की अब कोई सीमा नहीं होगी। यह छूट 31 दिसंबर 2025 तक के मामलों के लिए लागू होगी। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने बुधवार को इस संबंध में संशोधित नीति लागू करने के आदेश जारी किए हैं। नीति के अनुसार अब यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि इसमें अनुबंध कर्मचारी के स्थान पर दैनिक वेतनभोगी शब्द को पुनर्स्थापित किया गया है।
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यानी करुणामूलक आधार अब अनुबंध नहीं, जॉब ट्रेनी की नियुक्ति की जाएगी। जॉब ट्रेनी की यह नियुक्ति तृतीय श्रेणी के लिए होगी। दैनिक वेतन भोगी आधार के बजाय अब इन नियमों में मल्टी टास्क वर्कर शब्द को पुनर्स्थापित किया गया है। मल्टी टास्क वर्कर नीति के आधार पर ही इनकी नियुक्ति होगी। क्लास थ्री क्लर्कों के पदों को तृतीय श्रेणी के जेओए आईटी पदों से बदला जाएगा। किसी विभाग में करुणामूलकों के लिए तय पांच फीसदी कोटा उपलब्ध नहीं है तो उन्हें एकमुश्त 31 मार्च 2025 तक छूट दी जाएगी।