हिमाचल में अब कंपनियां सीधे उपभोक्ताओं को सामान नहीं बेच सकेंगी। कंपनी को सामान बेचने से पहले राज्य सरकार के पास पंजीकरण करवाना होगा। सामान की सही कीमत दिखाना और गुणवत्ता की गारंटी देना अनिवार्य होगा।
उपभोक्ताओं को घटिया सामान न मिले और फर्जी कंपनियां लोगों को न ठग सकें, इसके लिए प्रदेश सरकार ने स्टेट डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइंस -2019 को मंजूरी दे दी है। यह फैसला हिमाचल मंत्रिमंडल ने लिया है।
ये गाइडलाइंस केंद्र के मॉडल का अनुसरण कर जारी की गई हैं। उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क से कंपनियां रोज करोड़ों का कारोबार कर रही हैं। टैक्स के नाम पर सरकार को चूना लग रहा है। अब खाद्य, नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग इसकी मॉनीटरिंग करेगा।
कंपनी को सामान बेचने से पहले विभाग के पास पंजीकरण करना पड़ेगा। कंपनी के माल विक्रेताओं को विभाग के पास पैन कार्ड, टिन नंबर, स्थायी पता और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। कानूनी तौर पर फार्म विभाग के पास रजिस्टर्ड होगा।