जुन्गा (शिमला)। हिमाचल ज्ञान-विज्ञान समिति के जन स्वास्थ्य केंद्र का पांचवां सत्र राज्य कार्यालय शिमला में आयोजित किया गया। सत्र की अध्यक्षता सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य विभाग डॉ. बीडी शर्मा ने की।
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डॉ. बीडी शर्मा ने बताया कि नशे की सप्लाई चेन को रोकने से पहले जरूरी है कि आंतरिक व्यवस्था को मजबूत किया जाए। समिति के राज्य सचिव सत्यवान पुंडीर ने बताया कि समिति तीन तरह से स्वास्थ्य के क्षेत्र में हस्तक्षेप करेगी। जन स्वास्थ्य केंद्र में हर माह के पहले रविवार को जन स्वास्थ्य क्लिनिक लगेगा जिसमें मधुमेह, ईसीजी, रक्तचाप और ऑक्सीजन स्तर की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि समिति नशे के खिलाफ अभियान को जारी रखकर विभिन्न संस्थाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास करेगी। सेवानिवृत्त कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. रीना सिंह ने कहा कि युवाओं को बचाने के लिए समाज में नशे और युवाओं के प्रति कलंकित करने वाली स्थिति को दूर करने की जरूरत है। समिति के राज्य उपाध्यक्ष जीयानंद शर्मा ने 12 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर संवाद आयोजित करने की अपील की। समिति के निदेशक डॉ. ओपी भूरेटा ने सार्थक चर्चा के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। संवाद