सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी तरुण श्रीधर
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हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) की बदहाल वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए सेवानिवृत आईएएस अधिकारी तरुण श्रीधर निशुल्क परामर्श देंगे। उच्च न्यायालय के आदेशों पर प्रदेश सरकार की ओर से दिए गए प्रस्ताव को तरुण श्रीधर ने स्वीकार कर लिया है। सरकार ने इन्हें 80,000 रुपये मासिक मानदेय देने का प्रस्ताव दिया था, जिसे तरुण ने अस्वीकार कर दिया। उनका कहना है कि हिमाचल के लोगों ने उन्हें बहुत मान-सम्मान दिया है। इसलिए वह निशुल्क सेवाएं देंगे।
एचपीटीडीसी की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए प्रदेश सरकार ने कमेटी गठित है, जिसका अध्यक्ष तरुण को बनाया गया है।
यह कमेटी एचपीटीडीसी की वर्तमान वित्तीय स्थिति की जांच और समीक्षा करेगी और निगम को लाभ में लाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय सुझाएगी। साल 2005 से 2007 तक तरुण श्रीधर पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक रह चुके हैं। इस दौरान पहली बार पर्यटन विकास निगम लाभ में आया था। तरुण केंद्र सरकार के सचिव पद से सेवानिवृत हुए हैं। इसके बाद केंद्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण में बतौर सदस्य सेवाएं देने के बाद इसी वर्ष मई में सेवानिवृत हुए हैं।