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संस्कृति में जहर घोल रहीं आज की फिल्में और गाने: सुरेंद्र शर्मा

Mon, 14 Nov 2016 10:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ददाहू (सिरमौर)
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आज के दौर की फिल्में और गाने हमारी संस्कृति में जहर घोल रही हैं। अगर मनुष्य आज बेहतर जीना सीख लेगा तो उसका कल भी बेहतर होगा। यह कहना है पद्मश्री हास्य कलाकार एवं कवि सुरेंद्र शर्मा का। वह यहां अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेले प्रस्तुति देने आए थे। अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि हंसी एक टॉनिक का काम करता है।
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यह टॉनिक हमें बिना पैसों के ही प्राप्त होता है। हंसना कला नहीं है, लेकिन हंसाना खुद में एक कला है। हंसाने वाले पर ईश्वर की कृपा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि आदमी की सोच ही उसके दिल व दिमाग की उपज है। आप कहां व किसके साथ बैठे हैं, यह बड़ी बात नहीं है। लेकिन, आपकी सोच कहां बैठी है, यह मायने रखती है।

इंसान की सोच में परिवर्तन होना जरूरी है। हमारी सोच में राष्ट्र प्रेम की भावना का होना बेहद जरूरी है। सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि धन सुखों का साधन नहीं है, अपितु कांटों का बिछौना है। हम अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा के नाम पर उसके बचपन को मार रहे हैं। हरियाणा निवासी सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि हमें अपने कल व बेहतर भविष्य के लिए आज की युवा पीढ़ी को संवारना होगा।
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जब हम खुद संस्कारिक होंगे तो हमारा समाज व भविष्य भी बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें दूसरों को हंसाने व गुदगुदाने की कला से जो मानसिक सुकून व संतुष्टि मिलती है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उनका यह प्रयास मरते दम तक जारी रहेगा।
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