शिक्षा सचिव ने रैंकिंग से संबंधित जानकारियां देने को प्रिंसिपलों के साथ की वर्चुअल बैठक
हिमाचल प्रदेश के संस्कृत और डिग्री कॉलेजों की रैंकिंग काे लेकर प्रिंसिपलों से 27 जनवरी तक सुझाव और आपत्तियां मांगे गए हैं। शुक्रवार को शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने रैंकिंग से संबंधित जानकारियां देने के लिए कॉलेज प्रिंसिपलों के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने कहा कि रैंकिंग के आधार पर ही कॉलेजों को सरकार की ओर से इन्सेंटिव दिए जाएंगे। प्रारंभिक रैंकिंग सूची जारी की गई है। जल्द ही फाइनल रैंकिंग जारी होनी है। शिक्षा सचिव ने कहा कि यूजीसी के 100 से अधिक मानकों पर कॉलेजों की तुलना कर रैंकिंग की गई है। सभी कॉलेजाें से कई बिंदुओं के आधार पर जानकारियां मांगी गई थीं। जानकारियों के आधार पर अंक वितरण कर रैंकिंग की गई है। अगर किसी कॉलेज को लगता है कि उसके अंक अधिक थे लेकिन सूची में कम है तो इसे स्पष्ट करना होगा। 27 जनवरी तक कॉलेजों को इस बाबत अपने सुझाव और आपत्तियों को भेजने के लिए कहा गया है। इसके बाद शिक्षा निदेशालय की ओर से फाइनल रैंकिंग जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की शिक्षा में गुणवत्ता सुधार लाने के उद्देश्य से पहली बार इंटरनल राज्य स्तरीय सरकारी कॉलेजों की रैंकिंग की जा रही है।
शिक्षा विभाग की इस ओवरऑल रैंकिंग में प्रदेश के 141 सरकारी डिग्री और संस्कृत कॉलेज शामिल किए गए हैं। उपलब्ध सुविधाओं और छात्र-छात्राओं की संख्या व अन्य मापदंडों के आधार पर निरीक्षण करवाने के बाद नेक की तर्ज पर इंटरनल रैंकिंग की गई है। ओवरऑल रैंकिंग के अलावा जिला मुख्यायल, उपमंडल मुख्यालय और अन्य कॉलेजों के तीन अलग वर्ग भी बनाए गए हैं। इनकी रैंकिंग सूची अलग से जारी गई है। टीयर वन कॉलेजों में जिला मुख्यालय पर स्थित कॉलेज शामिल किए गए हैं। इस सूची में भी हमीरपुर पहले, संजौली दूसरे, आरकेएमवी तीसरे, कोटशेरा चौथे और पांवटा साहिब कॉलेज पांचवें नंबर पर है। उपमंडल स्तर के टीयर टू कॉलेजों की रैंकिंग में भाेरंज कॉलेज पहले, सरस्वती नगर दूसरे और सुन्नी काॅलेज तीसरे स्थान पर रहे हैं। टीयर थ्री के अन्य कॉलेज शामिल किए गए हैं। इनकी रैंकिंग में कफोटा पहले, दाड़लाघाट दूसरे, चैलकोटी काॅलेज तीसरे स्थान पर रहे हैं।