जिला सिरमौर के राजकीय महाविद्यालय भरली के विद्यार्थियों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। छात्र-छात्राओं ने नघेता में दोसड़का के समीप धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम कर दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने प्रदेश सरकार और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित विद्यार्थियों का कहना था कि पिछले चार वर्षों से कॉलेज की कक्षाएं नघेता स्कूल भवन में चल रही हैं।
निर्माणाधीन भवन के लिए बजट का प्रावधान नहीं किया जा रहा है, जिससे कॉलेज भवन कार्य अधर में लटक गया है। धरना-प्रदर्शन में शामिल भरली कॉलेज के विद्यार्थियों ने उग्र आंदोलन की भी चेतावनी दी है। छात्र नेताओं शुभम चौहान, ज्योति चौहान, रोहित चौहान, अंकित और राकेश चौहान समेत अन्य विद्यार्थियों ने कहा कि प्रदेश सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है।
2015 में इस भवन की नींव रखी गई थी तब दो वर्ष के भीतर भवन निर्माण कार्य पूरा करने की बात कही गई थी लेकिन, इसके लिए बजट का प्रावधान नहीं किया गया। इसके चलते कार्य अधर में लटक गया है। सोमवार को कॉलेज परिसर से लेकर नघेता-बनौर मोड़ तक रोष रैली निकाली गई। समस्त छात्र संगठनों की मांग है कि जल्द कॉलेज भवन बनाया जाए। रावमापा नघेता स्कूल और अन्य किराए के हॉल में चार वर्षों से कक्षाएं चल रही हैं। कॉलेज भवन तैयार कर कक्षाएं अपने भवन में स्थानांतरित की जाएं।
आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कहा कि समस्या के बारे में प्रदेश के शिक्षा मंत्री के नघेता प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला था। समस्या के बारे में विस्तृत रूप से बताया भी गया। मौके पर हालात का जायजा लेने का भी आग्रह किया गया लेकिन, केवल आश्वासन दिया जाता रहा है। छात्र-छात्राओं ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। भूख हड़ताल करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।