हिमाचल के ऐतिहासिक नाहन शहर में किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए नगर परिषद ने फिर कार्रवाई शुरू कर दी है। हाईकोर्ट की सख्त हिदायत के बाद नगर परिषद ने अब बड़े मकानों और अन्य निर्माणों को तोड़ना शुरू कर दिया है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच नगर परिषद ने कब्जे हटाने का अभियान शुरू किया। अभियान के पहले दिन लगभग 10 अवैध कब्जों पर जेसीबी और हथोड़े चले। कहीं अवैध रूप से बनाए गए पूरे मकान गिराए गए तो कहीं कुछ हिस्सों पर जेसीबी चलाई गई।नगर परिषद की इस कार्रवाई के दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा रही।
छठी आईआरबी बटालियन कोलर के अलावा विभिन्न थानों से भी पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। डीएसपी परमदेव स्वयं टीम के साथ मौजूद रहे। इसके अलावा अग्निशमन केंद्र का एक दमकल वाहन और एंबुलेंस भी इस मुहिम में शामिल की गई थी। सुबह करीब 10 बजे नगर परिषद के कार्यालय में पुलिस टीम जुटनी शुरू हो गई थी। इसके बाद गुन्नूघाट के समीप पशु चिकित्सालय के समीप एक भवन को तोड़ा गया।इसके बाद शिमला रोड और अन्य इलाकों में शाम तक अभियान चलता रहा। कब्जे हटाने के लिए नगर परिषद की टास्क फोर्स गठित की गई थी।
नगर परिषद ने कुल 34 कब्जे चिन्हित किए हैं। इनमें 20 सरकारी भूमि पर हुए हैं, जबकि 14 नगर परिषद के क्षेत्र में। इसके अलावा 142 अवैध निर्माण भी नगर परिषद ने चिन्हित किए हैं। इनमें से करीब 70 लोगों ने अपने नक्शे पुन: तैयार कर नगर परिषद को सौंपें हैं, जिनकी तकनीकी कमेटी जांच कर रही है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अजमेर सिंह ठाकुर ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की मुहिम के तहत करीब दस कब्जे हटाए गए हैं। कुछ लोग स्वयं ही अपने कब्जे तोड़ रहे हैं। इसके बारे में कुछ लोगों ने नप को सूचित भी किया है। इसकी जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
शहर के इन इलाकों में तोड़े अवैध कब्जे
नगर परिषद की टीम ने वेटरनरी अस्पताल के समीप से अवैध कब्जे हटाने की मुहिम शुरू की। इसके बाद गुन्नूघाट से होते हुए शिमला रोड, हाथी कब्र के समीप, अमरपुर आदि इलाकों में कब्जे हटाए गए। इससे पहले नप ने चार जुलाई को कब्जे हटाए थे। उस दौरान छोटे-छोटे कब्जाधारियों पर शिकंजा कसा गया। सोमवार को हुई कार्रवाई के तहत नप ने बड़े भवनों को भी गिराना शुरू कर दिया है।
नगर परिषद ने बनाई थी रणनीति
अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए नगर परिषद ने पूरी रणनीति बनाई हुई थी। इसके लिए सुरक्षा भी मांगी गई। लिहाजा, शहर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। कोलर स्थित छठी आईआरबी बटालियन की टुकड़ियां बुलाई गई थीं। जबकि क्यूआरटी की टीम भी मौके पर मौजूद रही। पुलिस जवान पूरी मुस्तैदी के साथ सुरक्षा में तैनात रहे। वहीं, नप कर्मचारियों ने भी कब्जे हटाने में खूब पसीना बहाया।