आपत्तियां आने के बाद ही पालमपुर को नगर निगम बनाया जाएगा। कांग्रेस विधायक आशीष बुटेल ने कहा कि रात के अंधेरे में पालमपुर को नगर निगम बनाने के ड्राफ्ट तैयार किए गए तो शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज बोले - रात के बगैर दिन पूरा नहीं होता है। रात को भी काम करना पड़ता है। रात को कोई काला काम नहीं किया गया है। जो जनता के हित में होगा, वही काम हुआ है।
आशीष बुटेल बोले - जो दो ड्राफ्ट बने हैं, बंद कमरे में बने हैं। इन्हें दोबारा बनाया जाए। पदों का भी ठीक से सृजन किया जाए। भारद्वाज बोले - अभी भी आपत्तियां आ रही हैं। कुछ लोग टैक्स से डरे हैं। फिर भी ज्यादातर लोग इसके पक्ष में हैं। विधायक बुटेल ने सदन में नियम-62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाते हुए पालमपुर नगर निगम के गठन पर पांच पंचायतों के प्रतिनिधियों की आपत्ति से उत्पन्न स्थिति की ओर शहरी विकास मंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि पालमपुर नगर परिषद की जनसंख्या आज भी केवल 3544 है। कुल 1022 घर हैं। 67 साल का समय बीत गया नगरपालिका को बने, पर इसकी जनसंख्या उतनी ही है। कृषि विश्वविद्यालय का परिसर है। बहुत से होटल बन गए हैं। बडे़-बडे़ व्यापारिक संस्थान भी पालमपुर में बन गए हैं। उस वक्त धर्मशाला की भी नगर निगम की मांग नहीं थी, जबसे पालमपुर की भी नहीं है। पहले 32 हजार जनसंख्या का प्रस्ताव आया फिर 51 हजार जनसंख्या वाले क्षेत्र का प्रस्ताव आया।