संस्थानों का 75 फीसदी तक कारोबार चौपट, छात्रों को नहीं मिल रही कोचिंग सुविधा
फुल ऑक्यूपेंसी के साथ चल रही हैं बसें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बाजार खुल चुके हैं, बसें फुल ऑक्यूपेंसी के साथ चल रही हैं, इसके अलावा सरकारी और निजी कार्यालयों में भी सौ फीसदी कर्मचारियों को बुला लिया है लेकिन कोचिंग संस्थानों में अभी तक ऑफलाइन कक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं। इस कारण कोचिंग संस्थानों का 75 फीसदी तक कारोबार प्रभावित हुआ है।
छात्र ऑनलाइन पढ़ाई के लिए संस्थानों में प्रवेश लेने में रुचि नहीं दिखा रहे। कोचिंग संस्थानों में नौंवीं से ग्यारहवीं तक के बैच में नाममात्र छात्रों ने ही प्रवेश लिया है। अभिभावक और छात्र ऑफलाइन कक्षाओं के शुरू होने को लेकर पूछताछ कर रहे हैं। सरकार ने शिक्षण संस्थानों के अलावा सब कुछ खोल दिया है। कोचिंग संस्थानों के संचालक ऑफलाइन कक्षाएं एसओपी के साथ शुरू करने की अनुमति मांग रहे हैं। कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के हिमाचल चैप्टर की उपाध्यक्ष नीना गुप्ता, ममता, कपिल जैन और अजय डोड मुख्यमंत्री को इस बाबत मांगपत्र सौंप चुके हैं।
नीना गुप्ता ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष यह मामला उठाया है। इस पर जल्द फैसला लिए जाने का भरोसा मिला था लेकिन अभी तक कोचिंग कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। बारहवीं के जो ऑनलाइन बैच चल रहे हैं, उसमें छात्रों को शिकायतें रहती हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई सही ढंग से नहीं हो रही। जेईई मेन और नीट की परीक्षाएं होने वाली हैं, तो छात्र चाहते हैं कि कोचिंग कक्षाएं शुरू की जाएं। शिमला शहर में कोचिंग संस्थानों के भवनों का किराया ही लाखों रुपये है। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू न होने से छात्र दाखिले नहीं ले रहे, इस कारण स्टाफ को सैलरी तक देना मुश्किल हो गया है।
जल्द खोले जाएं कोचिंग संस्थान
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलने गए कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधिमंडल में एनजी विद्या मंदिर के 23 छात्रों समेति मांसी, अंतरा, सुरेश कुमार, मंजुला, मेघा और भारती शामिल रहीं। इन्होंने सीएम से संस्थान खोलने और कोचिंग कक्षाएं शुरू करने का आग्रह किया है।