हिमाचल की जनता के लिए खुशखबरी। रोहतांग के बहाने अब प्रदेश की सड़कों पर सीएनजी गाड़ियां दौड़ सकेंगी। सीएनजी गैस वितरण के लिए सरकार ने राज्य चार सीएनजी डिपो खोलने की तैयारी कर रही थी।
हिमाचल सरकार ने रोहतांग के लिए सीएनजी बसें चलाने का प्रारूप बना लिया है। प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों के लिए भी परिवहन विभाग ने प्लान तैयार किया है। सीएनजी सोनीपत से लाई जाएगी। पाइप से सीएनजी लाना सरकार के लिए चुनौती से कम नहीं है। फिलहाल, कासगेड टैंकर से इसे लाने का विकल्प तलाश है।
योजना के मुताबिक अगर पाइप से सीएनजी लाई जाती है तो यह अभी महंगा सौदा होगा। चार राज्यों पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल से होकर सीएनजी पाइप मनाली पहुंचाई जाएगी। इस पर करोड़ों रुपये खर्च होंगे। ऐसे में सरकार ने कासगेड टैंकर से सीएनजी लाने की योजना बनाई है। सरकार सीएनजी डिपो मंडी, शिमला और ऊना में खोलना चाह रही है।
ये चारों जिले हिमाचल के पर्यटन नगरों को कवर कर सकते हैं। सरकार ने यह प्लान हिमाचल के पर्यटन स्थलों को देखकर बनाया है। एनजीटी ने हाल ही में निर्देश दिए हैं कि मनाली में सीएनजी आपूर्ति को प्रदेश के ट्रांसपोर्ट सचिव और मुख्य सचिव जल्द किसी नेशनल एजेंसी गेल से बात करें। साथ ही ट्रिब्यूनल को विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। सरकार ने नेशनल एजेंसी गेल के अधिकारियों से बैठक को पत्र लिखा है। बताया जा रहा है बैठक दिल्ली में होगी।
बसों की नहीं, सीएनजी की है दिक्कत
प्रदेश सरकार के लिए सीएनजी बसों की खरीदारी करना बड़ी बात नहीं है। मुश्किल सीएनजी की है। इस मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में भी लाया जा रहा है। परिवहन मंत्री जीएस बाली का कहना है कि ग्रीन ट्रिब्यूनल ने रोहतांग के लिए पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों पर रोक लगाई है। इसको लेकर बैठक की जा रही है। ग्रीन ट्रिब्यूनल से ऑप्शन मांगा जाएगा।