धर्मशाला में 19 मार्च को भारत-पाकिस्तान के बीच टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप मैच पर एक और विवाद खड़ा हो गया है। वीरभद्र सरकार ने अब केंद्र को चिट्ठी लिखकर मैच के दौरान बवाल की आशंका जताई है। चिट्ठी में पठानकोट हमले का हवाला भी दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि यह चिट्ठी उस रिपोर्ट के आधार पर लिखी गई है, जिसमें पुलिस ने विभिन्न वजहों से धर्मशाला मैच के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल मुहैया करा पाने में असमर्थता जताई थी।
पुलिस ने रिपोर्ट में कहा है कि मैच को लेकर स्थानीय नेताओं से लेकर विभिन्न संगठन विरोध कर रहे हैं। आतंकी हमले से भी इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में बिना पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के मैच कराना संभव नहीं है। बता दें के मुख्यमंत्री पहले ही अपने रिस्क पर मैच कराने की बात कह चुके हैं। इसके बाद से माना जा रहा था कि प्रदेश सरकार मैच से हाथ पीछे खींच रही है।
हालांकि, अब पुलिस की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए राज्य सरकार ने गेंद केंद्र सरकार के पाले में डाल दी है। अब केंद्र सरकार को तय करना है कि वह बीसीसीआई के आग्रह पर धर्मशाला में ही मैच कराती है या सुरक्षा पर कोई कदम उठाती है। अगर राज्य सरकार के इंकार के बाद भी मैच होता है तो पूरी सुरक्षा व्यवस्था और विरोध की स्थिति का केंद्र को ही सामना करना पड़ेगा।