तारादेवी मंदिर का कायाकल्प होगा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसके लिए निर्देश दिए हैं। सीएम वीरवार को पत्नी प्रतिभा सिंह के साथ तारादेवी मंदिर माथा टेकने पहुंचे थे।
मंदिर का तीन साल में कायाकल्प होगा। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर में दस नए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। शारीरिक रूप से अक्षम लोगों की सुविधा मुख्य सड़क से मंदिर तक वैकल्पिक मार्ग भी बनेगा।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सिंतबर 2014 में तारादेवी मंदिर पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मंदिर के गर्भ गृह में संगमरमर लगाने और छत पर पहाड़ी स्लेट लगाने के निर्देश दिए।
डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से मंदिर का कायाकल्प
तारादेवी मंदिर पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से मंदिर का कायाकल्प किया जाएगा। निर्माण कार्य को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
तारादेवी मंदिर पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट में मुख्य मंदिर को वर्तमान स्थिति से ऊंचा उठाया जाएगा। मुख्य मंदिर की चार दिवारी को लकड़ी के खंभों का प्रयोग कर खुला रखा जाएगा।
मंदिर के सामने पार्क बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त मंदिर में विश्राम स्थल और पहाड़ी शैली में भव्य प्रवेश द्वार भी बनाया जाएगा।
मंदिर में दर्शन को लगी रही भीड़
रविवार को छुट्टी के चलते तारादेवी मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। माता के जयकारे लगाते हुए लंबी कतारों में खड़े रहकर लोगों ने देवी के दर्शन किए।
नियमित अंतराल पर एचआरटीसी की बसें श्रद्धालुओं को लेकर मंदिर पहुंचती रहीं। भारी भीड़ के चलते मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा के भी पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। रविवार को मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए पूरे दिन भंडारा लगा रहा।
तारादेवी मंदिर जाने वाले मार्ग में नवरात्रों के दौरान जाम के कारण श्रद्धालुओं को पेश आने वाली दिक्कत के समाधान के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा।
मौजूदा मार्ग से वाहन मंदिर तक पहुंचेंगे और नए बनने वाले वैकल्पिक मार्ग से होते हुए वाहन वापिस लौटेंगे। रविवार को मुख्यमंत्री ने तारादेवी मंदिर के दौरे के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत वैकल्पिक मार्ग के लिए सर्वे करने के निर्देश दिए।
खुद भी जाम में फंस गए मुख्यमंत्री
रविवार को मुख्यमंत्री के तारादेवी मंदिर आने को लेकर कोई पूर्व सूचना नहीं थी। ऐसे में ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए भी विशेष इंतजाम नहीं किए गए थे।
रविवार को भारी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने के कारण मंदिर जाने वाले मार्ग पर पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही। मुख्यमंत्री भी कुछ देर के लिए जाम में फंस गए।
हालांकि, कुछ देर के बाद ट्रैफिक कर्मचारियों ने जाम खुलवाया। इसके बाद सीएम का वाहन भी आगे बढ़ सका। इस दौरान लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।