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शिक्षकों को मुख्यमंत्री की दो टूक चेतावनी

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साल भर लगातार शिक्षकों की ट्रांसफर पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सख्त हो गए हैं। उन्होंने शिक्षकों को दो टूक चेतावनी दी है कि वे ट्रांसफर के लिए मंत्रियों और शिक्षा निदेशकों के चक्कर काटना छोड़ दें। वीरभद्र सिंह राजधानी के लालपानी में तीन करोड़ रुपये से बने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के नए भवन के लोकार्पण के बाद संबोधित कर रहे थे।
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वीरभद्र सिंह ने कहा कि शीतकालीन स्कूलों का शैक्षणिक सत्र समाप्त होने वाला है और परीक्षाओं का समय आ चुका है। लेकिन शिक्षक अभी भी ट्रांसफर अडजस्ट करवाने के लिए आ रहे हैं। शैक्षणिक सत्र के बीच और साल भर ट्रांसफर करने से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की नौकरी आम नहीं है। इन पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में शिक्षकों को समर्पण और पूरी जिम्मेदारी के साथ पढ़ाना चाहिए।

स्कूलों में टॉयलेट बनवाने को कहा

कार्यक्रम में मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, सुधीर शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान,  शिक्षा सलाहकार दिनकर बुराथोकी, उच्चतर शिक्षा निदेशक शशि भूषण सेखरी, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अशोक शर्मा, डीसी शिमला दिनेश मल्होत्रा समेत निगमों और बोर्डों के अध्यक्ष, कॉलेज और स्कूलों के प्रिंसिपल मौजूद रहे।

अशोक शर्मा ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने काम को सुचारु रूप से चलाने के लिए मुख्यमंत्री से मिनिस्ट्रियल कैडर के 2001, वरिष्ठ के 47 और निदेशालय में लिपिकों के 125 पद भरने की मांग भी की।  

वीरभद्र सिंह ने नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना कहा कि केंद्र ने जो सफाई अभियान शुरू किया है वह महात्मा गांधी ने चलाया था। केंद्र ने सफाई अभियान में कहीं महात्मा गांधी का नाम नहीं लिया, पर ऐनक जरूर दिखाई है। हालांकि वीरभद्र सिंह ने स्कूल परिसरों में फुलवाड़ी, पौधे लगाना और टॉयलेट की व्यवस्था करने पर जोर दिया।

शिक्षा का स्तर बढ़ाने पर सीएम गंभीर

मुख्यमंत्री ने एक बार फिर शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए गंभीरता दोहराई। उन्होंने कहा कि वे स्वयं शिक्षा, शिक्षकों और बच्चों के हित के लिए निजी तौर पर गंभीर रहे हैं। जब भी कांग्रेस सरकार रही, शिक्षा मंत्रालय उन्हीं के पास रहा। वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनका लक्ष्य प्रदेश में 100 फीसदी साक्षरता दर हासिल करना है।

पहली कक्षा से पढ़ाए जाएंगे हिंदी, अंग्रेजी और मैथ
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रारंभिक शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए नए शैक्षणिक सत्र से पहली कक्षा से ही हिंदी, अंग्रेजी और मैथ विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा एक्सपर्ट टीमों द्वारा तैयार लर्निंग इंडीकेर्ट्स भी इसी शैक्षणिक सत्र से लागू किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री आवास के पास कारोबारी से छीनाझपटी

व्यापार मंडल शिमला के पूर्व अध्यक्ष के साथ देर रात एक नेपाली मूल का युवक छीनाझपटी कर फरार हो गया। शोर मचाने पर आरोपी का पीछा किया गया लेकिन हाथ नहीं आया। लेकिन जिस रास्ते से आरोपी भाग रहा था वहां पुलिस के जवान गश्त कर रहे थे। एक कांस्टेबल ने आरोपी को धर लिया।

आरोपी ने पुलिस के शिकंजे से छूटने के लिए काफी मशक्कत की लेकिन वह नाकामयाब रहा। आरोपी को पकड़ कर थाना छोटा शिमला ले जाया गया। व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष ने भी थाने जाकर आरोपी की शिनाख्त की। उनका छीना हुआ सामान पुलिस की मुस्तैदी से मिल गया।
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आरोपी बोला, इलाज कराने को छीना बैग

सोमवार को रात करीब साढ़े दस बजे रमेश सूद रोज की तरह दुकान बंद कर घर की ओर पैदल जा रहे थे। उनके पास एक बैग था जो उन्होंने कंधे पर उठा रखा था। 25 से 28 साल उम्र का एक नेपाली युवक लोअर बाजार से ही उनका पीछा करने लगा। उसने सिर पर काले रंग की टोपी पहनी हुई थी। बीच रास्ते में वह गायब भी हो गया जब रमेश सूद सीएम के सरकारी आवास ओकओवर के नजदीक पहुंचे तो अचानक पीछे से युवक तेजी से आया और उन्हें धक्का देकर बैग छीनने लगा।

बैग छीन कर आरोपी फरार हो गया। वह मदद के लिए चिल्लाए वहां से निजी होटल के कर्मी गुजर रहे थे वह वहां रुके। आरोपी कमला नेहरू अस्पताल की ओर जाने वाले रास्ते में भागा। वहां गश्ती दल ने पकड़ लिया। कारोबारी रमेश सूद ने कहा कि आज तक कभी भी ऐसा नहीं हुआ।

आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसे बीमारी है। इलाज के लिए उसने कई लोगों से पैसा मांगा लेकिन किसी ने नहीं दिए। इसलिए उसने वारदात को अंजाम दिया। छोटा शिमला पुलिस का कहना है कि आरोपी नशेड़ी है। इसका पिछला आपराधिक रिकार्ड खंगाला गया जिसमें कुछ नहीं मिला। शिमला व्यापार मंडल ने पुलिस प्रशासन का आभार जताते हुए आग्रह किया है कि रात के समय गश्त बढ़ाई जाए।
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