फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा पार्षद पर हमले में आया सीएम वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य का नाम

Wed, 05 Jul 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
शोघी के पास भाजपा पार्षद संजय परमार पर हमला करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एफआईआर में नामजद शिमला ग्रामीण युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित कोहली, जितेंद्र, गट्टू रोहाल और सुनील कुमार सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


इन्हें मंगलवार दोपहर बाद शोघी बाजार से गिरफ्तार किया गया। इसकी पुष्टि एएसपी (आईपीएस) साक्षी वर्मा ने की है। उन्होंने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। 

भाजपा पार्षद संजय परमार ने युकां प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह और कुछ लोगों से जान का खतरा बताया है। मारपीट मामले में दर्ज एफआईआर में विक्रमादित्य सिंह के नाम का भी उल्लेख किया है।
विज्ञापन


थाना बालूगंज में पुलिस को दी तहरीर में पार्षद ने बताया कि शोघी और तारादेवी के बीच गाड़ी रोककर कुछ लोगों ने उनकी पिटाई की और वीडियो भी बनाया। उन्होंने अमित कोहली, जितेंद्र, गट्टू रोहाल और अन्य दो लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है। कहा कि वे चंडीगढ़ से शिमला आ रहे थे, उनके साथ गाड़ी में नितिन मंढोत्रा भी थे।

संजय परमार ने थाने में दर्ज एफआईआर में विक्रमादित्य सिंह का लिया है नाम

सोमवार शाम करीब सवा पांच बजे शोघी से निकले तो एक सफेद रंग की गाड़ी ने ओवरटेक किया और हाथ हिलाकर रुकने को कहा। उन्होंने मुझे गाड़ी से निकाला और कहा कि तुमने टीका साहब को धोखा दिया है। तुम्हारी ऐसा करने की हिम्मत कैसे हुई और गालीगलौज करने लगे और हाथापाई शुरू कर दी।

अमित कोहली गाड़ी से दराट लेकर आ गया और कहा कि अभी लिखकर दो कि तुम बीजेपी छोड़ रहे हो वरना देख लेना। उन्होंने स्याही फेंकी ओर मारपीट भी की। किसी तरह वहां से बचकर बालूगंज पहुंचे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर गैर जमानती और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

बेवजह किया जा रहा बदनाम: कोहली

हमले के आरोप में फंसे और एफआईआर में नामजद शिमला ग्रामीण युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अमित कोहली ने कहा कि उनके नाम बेवजह घसीटे जा रहे हैं। संजय परमार जब से नगर निगम चुनाव जीते हैं, तब से गुंडागर्दी कर रहे हैं। नगर निगम चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद संजय ने उनके उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार की पिटाई कर दी।

इसकी शिकायत उसी दिन थाना सदर में की गई है यह थाने में ऑन रिकार्ड है। भाजपा में शामिल होने के बाद इन्हें कोई पूछ नहीं रहा है अपनी राजनीति चमकाने के लिए आरोप उन पर लगाए गए हैं। अब पता नहीं किसने उनकी पिटाई कर दी और आरोप हम पर लगाए जा रहे हैं। आरोप सरासर गलत और निराधार हैं। 

हमलावरों की तलाश जारी: एसपी
एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि शिकायत के आधार पर थाना बालूगंज में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हमलावरों की तलाश की जा रही है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।

गवाह को मिल रही जान से मारने की धमकी: भारद्वाज

शिमला शहर के विधायक सुरेश भारद्वज ने कहा कि संजय परमार की पिटाई का वीडियो वायरल हो गया है। इससे बड़ा सबूत कांग्रेस को क्या चाहिए? वीडियो में साफ दिख रहा  है कि परमार को कितनी बुरी तरह से पीटा जा रहा है। यह वीडियो हमलावर अपने आका को भेजना चाहते थे लेकिन गलती से कहीं और चला गया।

जहां से यह वायरल हो गया। भारद्वाज ने कहा कि यह वही हमलावर है जिन्होंने बीजेपी कार्यालय पर भी हमला किया था। उन्होंने कहा कि संजय परमार के साथ उस समय नितिन मंढ़ोत्रा थे। उन्हें अब धमकी दी जा रही है कि अगर उसने गवाही दी तो उसे जान से मार देंगे।

कांग्रेस के ये गुंडातत्व पहले भी संजय को पिटने की फिराक में थे लेकिन भाजपा के मजबूत सुरक्षा चक्र के आगे इनकी एक नहीं चली। भारद्वाज ने कहा कि संजय पर हमला युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने बौखलाहट में करवाया है। नगर निगम चुनाव में शिमला ग्रामीण के वार्ड में उनकी हार हुई है। दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी दरख्वास्त नामंजूर होने से बौखलाहट लाजिमी है।

उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया धरना प्रदर्शन

भाजपा की जिला शिमला इकाई ने शोघी के समीप भाजपा पार्षद के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने इस दौरान उपायुक्त को मांग पत्र सौंप कर 24 घंटे में मारपीट करने के आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल शिमला शहरी से भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज, जिला शिमला भाजपा अध्यक्ष संजीव, भाजपा के पार्षद  सहित अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि कहा कि शहर में अब जनता के चुने हुए नुमाइंदे तक सुरक्षित नहीं हैं। 

घटना से जाहिर है कि प्रदेश में गुंडातत्व हावी हो रहा है। इस प्रकार की घटना पहली बार नहीं हुई है। पहले भी भाजपा पार्टी कार्यालय पर कांग्रेसियों ने हमला किया था, जिसमें भाजपा के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता को अपनी आंख खोनी पड़ी थी। इस घटना से उस समय भी जिला प्रशासन ने सीख नहीं ली थी और आज फिर इस तरह की घटना सामने आ खड़ी हुई है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पार्षद के साथ मारपीट की है, उनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, नगर निगम चुनावों के परिणाम के दिन भी कांग्रेसी के गुंडों ने भाजपा के युवा कार्यकर्ता से मारपीट की थी, जिसका आपराधिक मामला दर्ज हुआ था और उस पर भी पुलिस की कार्रवाई चल रही है। 


भाजपा के इन नेताओं ने ऐसी घटनाओं को रोकने और  24 घंटे के भीतर मारपीट में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने की मांग पुलिस प्रशासन और उपायुक्त से की। भाजपा जिला शिमला को आशंका है कि ऐसा नहीं होगा क्योंकि जब पुलिस ने सिर्फ मारपीट की धाराएं लगाकर मामला दर्ज किया है, पार्षद को गंभीर चोटें आई हैं। केवल मारपीट की धाराएं लगाई गई हैं। 


अपितु मेडिकल रिपोर्ट से चोटों की गंभीरता को नजर में रखकर धारा 307 लगाई जानी चाहिए थी। भाजपा नेताओं ने कहा कि इस मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए, इसमें पुलिस पर भी दबाव बनाया जा सकता है।

जिसके चलते पुलिस अब तक मारपीट करने के बाद अभी तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। इस मामले में आरोपियों पर धारा- 307 में मामला दर्ज किया जाए। भाजपा के इस प्रदर्शन में महिला कार्यकर्ताओं और महिला पार्षदों ने भी हिस्सा लिया। करीब एक घंटे तक भाजपा ने प्रदर्शन कर अपना रोष व्यक्त किया।
विज्ञापन

संजय परमार ने विक्रमादित्य सिंह को जिम्मेदार ठहराया

नगर निगम चुनाव के बाद कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए कच्ची घाटी के पार्षद संजय परमार ने शोघी के पास हुए हमले के लिए युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। परमार ने कहा कि जिन लोगों ने उन पर हमला किया, उनमें से चार लोगों को वह अच्छी तरह से जानते हैं।

यह वही लोग हैं जो नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान भी उनके साथ थे। उन्होंने कहा कि पृथ्वी सेन, बलवीर वर्मा भी तो पार्टी छोड़कर गए थे, फिर मेरा पार्टी छोड़ना ही धोखा कैसे हो गया?  मैंने कोई धोखा नहीं दिया। कांग्रेस के कुछ लोगों का ये कहना कि मैंने धोखा दिया, ये गलत है। हमले के बाद अमर उजाला ने उनकी प्रतिक्रिया जानी।

सवाल: आपने हमले को लेकर थाने में दर्ज करवाई एफआईआर  में युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह का नाम लिया है। किसी के कहने पर तो आपने उनका नाम नहीं लिया ?

पार्षद: जिन लोगों ने मुझ पर हमला किया, उन्हें मैं अच्छी तरह से जानता हूं। वह प्रचार में मेरे साथ थे उनसे कोई पुरानी रंजिश नहीं है। हमले के वक्त वह खुद  कह रहे थे कि मैंने टीका (विक्रमादित्य) के साथ धोखा क्यों किया?  ये उनके ही आदमी थे।

सवाल: एफआईआर में आपने विक्रमादित्य से जान का खतरा बताया है?  क्या आपने पुलिस सिक्योरिटी की मांग की है?
पार्षद: हां,  मुझे इन लोगों से जान का खतरा है। बाकायदा थाने में मैंने इसकी शिकायत दी है। मुझ पर कभी भी यह लोग फिर हमला कर सकते हैं। अभी तक थाने से मुझे कोई सुरक्षा नहीं मिली है।

सवाल: बालूगंज पुलिस मामले की जांच कर रही है? क्या अब तक आप पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं? क्या आपको निष्पक्ष जांच का भरोसा है?

पार्षद : देखिए, इस मामले में कुछ होने वाला नहीं है न तो पुलिस कुछ कर पाएगी और न ही सरकार कुछ करेगी। जो होना था वह हो चुका। मुझे भरोसा नहीं है कि अब इस मामले में आगे कुछ होगा।

सवाल: सोशल मीडिया में आपका हमले से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस पर क्या कहेंगे? 
पार्षद: हां, उन लोगों ने ही मेरा वीडियो बनाया। वह मुझे धमका रहे थे और भाजपा छोड़ने को कह रहे थे। साथ ही मेरा वीडियो भी बना रहे थे। मैं डरने वाला नहीं हूं। मैं ऐसे हमलों के कारण पार्टी नहीं छोड़ूंगा।

सवाल: हमले को लेकर क्या प्रतिक्रिया है। अब आगे क्या करेंगे?
पार्षद: हमले से तो यही लगता है कि जब तक पार्टी में रहो तब तक दोस्त, जैसे ही छोड़ो वैसे ही दुश्मन बन जाओ। मुझे नहीं लगता कि इस मामले में कोई बड़ा एक्शन होने वाला है। पार्टी मेरे साथ है और मेरे लिए प्रदर्शन कर रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें