मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को चिट्टी लिखेंगे। वे यूनियन बजट के लिए सुझाव भेजेंगे। वे केंद्रीय बजट में हिमाचल के मसले शामिल करने को भी सुझाव भेजेंगे। राज्य सरकार का वित्त विभाग इस बारे में विभागों के प्रशासनिक सचिवों से सुझाव ले रहा है।
वित्त विभाग जल्दी ही सुझाव पत्र तैयार करेगा। ऐसी ही एक चिट्टी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दो फरवरी 2016 को भी भारत सरकार को भेजी थी, जिसमें उन्होंने एक विस्तृत नोट भी भेजा था। इसमें सीएम वीरभद्र सिंह ने जीएसटी का भी समर्थन किया था।
इसमें कुछ सुझाव भी दिए थे। उन्होंने सभी राज्यों की राजधानियों के लिए हवाई कनेक्टिविटी का सुझाव दिया था। उन्होंने शिमला हवाई अड्डे के जीर्णोद्धार और शिमला के लिए रेल कनेक्टिविटी का मामला भी उठाया था।
उन्होंने बिजली प्रोजेक्टों के लिए वन क्लीयरेंस में छूट देने को भी कहा था। सीएम ने सेब के पेड़ों पर आयात शुल्क बढ़ाने समेत कई अन्य मसले उठाए थे। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी ने प्रशासनिक अधिकारियों को लिखा है कि इस बार भी भारत सरकार को सुझाव भेजे जाने हैं।
इसके लिए राज्य सरकार को सुझाव भेजे जाएं। अधिकारियों को कहा गया है कि पिछले साल के नोट को देखने के बाद वे कोई नए सुझाव भी जोड़ना चाहें तो सरकार को अवगत करवाएं। पहले ये सुझाव 10 दिसंबर तक मांगे गए थे।
बाल्दी ने माना कि इस बारे में सभी प्रशासनिक सचिवों को पत्र भेजे गए हैं। सुझाव भेजने के लिए तय अंतिम तिथि के बाद भी ये आ रहे हैं। इन्हें कंपाइल किया जा रहा है। जल्दी ही ये सीएम की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री को भेजे जाएंगे।