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हर विधानसभा को ये तोहफा देंगे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह

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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल के हर विस क्षेत्र में तकनीकी संस्थान खोले जाएंगे। बेरोजगारी से निपटने के लिए तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। इसी कड़ी में सरकार तकनीकी संस्थान खोलेगी। कांगड़ा के नगरोटा सूरियां में जनसभा के दौरान उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देकर बेरोजगारी को दूर किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि सरकार पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्स्थापन के लिए हमेशा प्रयासरत रही है। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से दिए गए निर्णय में यह स्पष्ट था कि विस्थापितों को उनकी जमीन के समतुल्य ही सिंचाई युक्त भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। यह जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी तथा उन्हें आवंटित भूमि का मालिकाना हक भी दिया जाएगा।

लेकिन, राजस्थान सरकार उन्हें भूमि देने और उन्हें आवंटित भूमि पर हुए अतिक्रमण हटाने में असमर्थता जता रही है। हिमाचल सरकार इस मामले को दोबारा से राजस्थान सरकार के साथ उठाएगी। पौंग बांध विस्थापितों के प्रदेश में अवैध कब्जे नियमित किए जाएंगे।
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पौंग झील में चलेंगे शिकारे

मुख्यमंत्री ने कहा कि पौंग झील क्षेत्र को पर्यटन के तौर पर विकसित किया जाएगा। कश्मीर की तर्ज पर पौंग झील में शिकारे चलाकर नगरोटा सूरियां को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।

धूमल कीचड़ उछालने में माहिर, शांता सुलझे हुए- जनसभा के दौरान उन्होंने कहा कि प्रेम कुमार धूमल के मुख्यमंत्री बनने के बाद से प्रदेश में स्वस्थ राजनीति की परंपरा क्षीण हुई है।

धूमल ने कीचड़ उछालने की राजनीति कर झूठे केस बनाने के नए युग का सूत्रपात किया। इसके विपरीत शांता कुमार कहीं बेहतर और सुलझे हुए राजनेता हैं।

11 स्कूल अपग्रेड, थेरू को पीएचसी

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राजकीय माध्यमिक पाठशाला पद्दर को स्तरोन्नत कर उच्च पाठशाला बनाने, प्राथमिक पाठशाला दुराणा को माध्यमिक पाठशाला के तौर पर स्तरोन्नत करने, सिरमणी खास माध्यमिक पाठशाला को उच्च पाठशाला तथा उच्च पाठशाला बाही-पथियार को स्तरोन्नत कर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बनाने की घोषणाएं कीं।

उन्होंने राजकीय माध्यमिक पाठशाला बागा को स्तरोन्नत कर उच्च पाठशाला, प्राथमिक पाठशाला जरोट और थेरू को स्तरोन्नत कर उच्च पाठशाला, माध्यमिक पाठशाला कथोली व कटोरा को उच्च पाठशालाओं के तौर पर स्तरोन्नत करने की घोषणाएं कीं। उन्होंने थेरू के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने पद्दर, सरांदी और दोलबा गांवों के लोगों की सुविधा के लिए एक आयुर्वेदिक औषधालय खोलने की घोषणा की। कोटला से गुड़गांव के बस रूट को दोबारा बहाल करने के मामले को संबंधित विभाग से उठाने का आश्वासन दिया। सियुनी से चननी सड़क को पक्का करने की घोषणा भी की।

नगरोटा सूरियां में करोड़ों के शिलान्यास

सीएम ने 22 करोड़ रुपये की संभावित लागत से नगरोटा सूरियां के बंदूगली में बनने वाले राजकीय महाविद्यालय परिसर और 1.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वन्य जीव सूचना केंद्र की आधारशिलाएं रखीं। नगरोटा सूरियां में 56.48 करोड़ से गज खड्ड पर बनने वाले पुल की आधारशिला रखी।

पुल के बनने से जवाली की दूरी 13 से 14 किलोमीटर तक कम होगी। उन्होंने नगरोटा सूरियां में 25 लाख की लागत से बनने वाले उपतहसील भवन की आधारशिला भी रखी। मुख्यमंत्री ने नगरोटा सूरियां में पर्यटन विभाग के 1.26 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले कैपिंग साइट का शिलान्यास भी किया।

भाजपा जनता का ध्यान भटका रही: चंद्र कुमार

अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष चंद्र कुमार और विधायक एवं सीपीएस नीरज भारती ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। चंद्र कुमार ने शिमला में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हुए हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि भाजपा असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए विभाजनकारी राजनीति कर रही है।

इस अवसर पर वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, विधायक संजय रतन, विधायक अजय महाजन, वन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया, कर्मचारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेंद्र मनकोटिया व ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर रण सिंह सहित अधिकारी व गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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स्वाइन फ्लू से घबराएं नहीं लोग: सीएम

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। मंगलवार को जारी वक्तव्य में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी सरकारी अस्पताल स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उन्होंने लोगों से स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षणों की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर डॉक्टर से परामर्श लेने की अपील की। स्वास्थ्य संस्थानों को स्वाइन फ्लू के लक्षणों वाले रोगियों का उपचार प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

सावधानी एवं बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है और सभी मुख्य धार्मिक स्थलों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुरूप जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और खंड चिकित्सा अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में डॉक्टरों के साथ बैठक करने और समय-समय पर प्रबंधों का जायजा लेने को कहा गया है।
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