प्रदेश भाजपा सचिव समेत एक दर्जन भाजपाइयों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। सीएम ने हमीरपुर में कहा कि धूमल दो बार मुख्यमंत्री बने और दोनों बार मुझ पर झूठे मुकदमे बनाए गए। इसके चलते ट्रायल फेस करने पड़े।
राजनीति में आकर बदला लेना कोई अच्छी बात नहीं है। कहा कि अगर हम बदला लेना चाहें तो धूमल की सात पुश्तें याद रखेंगी। कहा कि वे कोई खानाबदोश नहीं हैं। राजा के परिवार की 164वीं पुश्त हैं। सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग उनके पीछे पड़े हैं।
जिन्होंने सच में प्रदेश को लूटा हैए वे चैन की नींद सो रहे हैं। कहा कि धूमल के साथ उनका कोई राजनीतिक या जायदाद का बंटवारा नहीं है। न ही धूमल कोई शत्रु हैंए यह महज राजनीति की विचारधारा है। भाजपा सांसद कीर्ति आजाद का जिक्र करते हुए वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन में हुए 385 करोड़ के घपले की जांच करवानी चाहिए।
इसमें उनके मंत्री अरुण जेटली का नाम आया। इसके चलते कोई जांच नहीं हुई। कहा कि आय से अधिक संपत्ति मामले में हो रही जांच के चलते वे केंद्रीय जांच एजेंसियों से डरने वाले नहीं हैं। न हार मानेंगेए न किसी के आगे गिड़गिड़ाएंगे।
कहा कि धूमल ने मुख्यमंत्री रहते एचपीसीए को फ्री में करोड़ों की जमीन दी। मैं भी देताए लेकिन अनुराग ठाकुर ने क्रिकेट एसोसिएशन को सोसाइटी के बजाय कंपनी बना ली। इसके चलते अब यह एचपीसीए की करोड़ों की संपत्ति एक व्यक्ति के हाथ में है।