न्यू ईयर पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र शिमला ग्रामीण में लोगों को नए साल पर करोड़ों के विकास कार्य की सौगात दी। शनिवार को सीएम ने चौथा परगना का दौरा कर गड़काहन के लिए पशु डिस्पेंसरी और आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी मंजूर किए। वहीं करोड़ों की सैंज पेयजल परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने के आईपीएच विभाग को आदेश दिए।
सीएम ने खटनोल में करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और आधारशिलाएं रखने के बाद जनसभा में कहा कि राज्य के शाली स्थित भीमाकाली मंदिर की प्रसिद्धि के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए खटनोल में सराय भवन तथा लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह और मंदिर तक सड़क का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने खटनोल में खेल मैदान के विकास और डांडी-बाग सड़क के लिए धन उपलब्ध करने की भी घोषणा की। उन्होंने रावमापा खटनोल के पुराने भवन को गिराकर इसके स्थान पर नए भवन तथा विज्ञान प्रयोगशाला के अलावा कमरे बनाने के भी निर्देश दिए। ठैला स्कूल में आगामी सत्र से वाणिज्य की कक्षाएं शुरू करने और स्कूल परिसर तक वाहन योग्य सड़क बनाने की घोषणा की।
उन्होंने दयोला में पशु औषधालय को पशु अस्पताल में स्तरोन्नत करने और देवला-ठैला ग्राम सभा भवन के लोकार्पण और सभागार के निर्माण की घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री ने गड़काहन के लिए पशु औषधालय और आयुर्वेदिक औषधालय, सरैल के लिए महिला मंडल भवन, गड़काहन महिला मंडल भवन की मरम्मत को मंजूरी दी।
उन्होंने गड़काहन-गुम्मा एंबुलेंस सड़क का अधिग्रहण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रावमापा ठैला की आधारशिला रखी। उन्होंने पंचायत भवन देवला और मझीवर, शील गांवों के लिए जलापूर्ति योजना का लोकार्पण किया। उन्होंने जवाहर नगर में प्राथमिक
स्वास्थ्य केंद्र भवन के नए खंड की आधारशिला रखी और रावमापा खटनोल के परीक्षा हाल और विज्ञान खंड सहित खटनोल आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण किए। इस दौरान सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स, जिला परिषद धर्मिला हरनोट, खटनोल पंचायत प्रधान अनीता शर्मा, राज्य सहकारी बैंक के निदेशक दिवान शर्मा मौजूद थे।
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति की घोषणा का विक्रमादित्य ने जताया आभार
राज्य युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह आगामी बजट में राज्य सरकार के हजारों आउटसोर्स कर्मियों के लिए अनुबंध नीति लाने की घोषणा पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। साथ ही विक्रमादित्य सिंह ने पुराने मंदिरों और धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं मरम्मत के लिए 40 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।