मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि भाजपा हिमाचल में अपनी मौजूदा सीटें बचा ले और मनगढ़ंत बातें छोड़े। सीएम बोले - मुझे हिमाचल की जनता ही खारिज कर सकती है और कोई नहीं। प्रदेश की कांग्रेस सरकार चट्टान की तरह मजबूत है। पत्रकारों से
अनौपचारिक बातचीत में वीरवार को राज्य सचिवालय में सीएम वीरभद्र सिंह ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा जिन क्षेत्रों में पिछले चुनाव में जीती है, उन क्षेत्रों में कांग्रेस इस बार भी विजयी होगी। प्रदेश में फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी।
धर्मशाला मैच में जाने पर सीएम का नो कमेंट
धर्मशाला में भारत-न्यूजीलैंड के बीच वन-डे मैच में क्या आपको न्योता मिला है? इस पर सीएम बोले कि वे इस पर कुछ नहीं कहना चाहते। मैच देखने जाएंगे या नहीं, इस सवाल पर भी सीएम ने स्थिति स्पष्ट नहीं की। हालांकि, मैच के लिए हिमाचल सरकार पूरी सुरक्षा देगी।
एमसी शिमला के वार्ड बढ़ाने पर अभी विचार नहीं
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि नगर निगम शिमला के वार्ड बढ़ाने का अभी कोई विचार नहीं है। सरकार ने वार्डों की अधिकतम संख्या को तय किया है। इसका मतलब यह नहीं है कि वार्ड बढ़ जाएंगे। वार्डों का परिसीमन चुनाव विभाग करता है। इन्हें बराबर करने का मामला यही तय करेगा।
मेक इन इंडिया की नीति है भाजपा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल के बागवानों के हित में सेब पर आयात शुल्क को ठीकठाक रखने का आश्वासन दिया था, मगर ये आश्वासन अभी तक लागू नहीं हुआ है। इस पर क्या कहते हैं? सीएम वीरभद्र सिंह बोले कि भाजपा की नीति मेक इन इंडिया की है। मामले को इसी नजरिये से देखा जाना चाहिए।
एचपीसीए ने राज्यपाल-सीएम को भेजा न्योता
धर्मशाला। 16 अक्तूबर को भारत-न्यूजीलैंड के बीच वन-डे मैच के लिए एचपीसीए ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को निमंत्रण भेजा है। एचपीसीए सचिव विशाल मरवाह ने इसकी पुष्टि की है। एचपीसीए एवं बीसीसीआई अध्यक्ष
अनुराग ठाकुर और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बीच विचारधारा को लेकर हमेशा छत्तीस का आंकड़ा रहा है। धर्मशाला में पहले भी जब अंतरराष्ट्रीय मैच हुए तो एचपीसीए और सरकार में अकसर सुरक्षा खर्च और अन्य मामलों को लेकर तीखी बयानबाजी होती रही। मुख्यमंत्री ने अकसर निमंत्रण के बावजूद क्रिकेट मैच देखने से किनारा किया। इस बार कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री
एचपीसीए के निमंत्रण को स्वीकार कर अपनी कैबिनेट के साथ भारत-न्यूजीलैंड मैच देखने के लिए आ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो क्रिकेट को लेकर धूमल परिवार और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बीच सियासी कड़वाहट दूर हो सकती है।