मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने तांगणू गांव जाकर अग्निपीढ़ित परिवारों से मुलाकात की। लोगों के जले हुए आशियानों को देखकर प्रभावित परिवारों को हौंसला दिया। प्रभावित परिवार मांगे उठाते रहे मुख्यमंत्री हामी भरते रहे। प्रभावितों के दुखों को देखकर मुख्यमंत्री ने तो यहां तक कह दिया कि मांगों ओर क्या चाहिए।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सुबह करीब साढ़े दस बजे हैलिकाप्टर से रोहड़ू पहुंचे। जिसके बाद मुख्यमंत्री अपने काफिल के साथ तांगणू गांव के लिए रवाना हुए। दोपहर करीब बारह बजे मुख्यमंत्री तांगणू गांव पहुंचे। तांगणू में मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को दी जा रही राहत का जायजा लिया।
लोगों के जले हुए घरों को देखकर प्रभावित परिवारों को हर संभव सहयोग करने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान प्रभावित परिवारों ने अपनी अपनी समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री से अतिरिक्त राहत की उम्मीद लेकर प्रभावित परिवार अपनी मांगो को उठाते रहे।
मुख्यमंत्री भी ग्रामीणों द्धारा उठाई जा रही मांगों को पुरा करने के लिए हामी भरते रहे। जब ग्रामीणों की सभी मांगे पुरी हुई, तो मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से स्वंय कहा मांगों ओर क्या चाहिए। ग्रामीणों की हर मांग को पुरा किया जाएगा। ग्रामीणों की मांगों को पुरा करने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपने अधिकारियों को मौके पर ही दिशा निर्देश भी देते रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हौंसला देते हुए कहा कि प्रभावितों को अब पूर्नवास के बारे में सोचना चाहिए। जो घर जल चुके है। उनके बारे में सोचना छोड़ दे। फिर से नए आशियाने बनाने का कार्य शुरू करे। सरकार की ओर से पुरी मदद मिलेगी। जज प्रभावित परिवारों के घरों का निर्माण शुरू होगा। वह स्वंय निरीक्षण करेने आएंगे।