मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भाजपा विधायक राजीव बिंदल पर भड़क गए। प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा विभाग के एक सवाल के जवाब के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष में खूब नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर दूरदराज में दो बच्चे भी हैं तो भी स्कूल खोले जाएंगे। ये दुकानदारी नहीं है।
हम कर्त्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। जितने शिक्षक कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पदोन्नत किए गए हैं, उतने पूर्व सरकार के पांच साल के कार्यकाल में भी प्रमोट नहीं किए गए। इस पर विपक्ष के विधायक तरह-तरह की बातें करने लगे। वीरभद्र बोले - टिप्पणी मत करो।
ऐसा कुछ करेंगे कि बाहर उछलकर जाओगे। इस बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नाहन से भाजपा के विधायक डा. राजीव बिंदल की ओर तल्खी में तमीज सीखने को कहा। विपक्ष के सदस्य खडे़ हो गए और नारेबाजी करने लगे। सत्ता पक्ष के सदस्य भी विपक्ष के खिलाफ नारे लगाने लगे।
डा. बिंदल ने ली चुटकी, डिस्पले पर लिखा है सीएम
बाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी मंशा किसी को ठेस पहुंचाने की नहीं है। जब मैं बोल रहा हूं तो सुनना चाहिए। अगर धूमल साहब बोल रहे हैं तो उन्हें भी बोलने दो। भाजपा के कुछ विधायकों के विरोध के बीच मुख्यमंत्री बोले कि मैं जानता हूं आपको अच्छी तरह से। जमाने से जानता हूं।
निजी बसों में हादसों से संबंधित सवाल पर डा. राजीव बिंदल ने सदन में चुटकी ली कि एलसीडी पर जो डिस्पले आ रहा है, उसमें इस सवाल का जवाब देने वाले के स्थान पर मुख्यमंत्री लिखा है। जवाब परिवहन मंत्री जीएस बाली दे रहे हैं।
यह प्वाइंट ऑफ ऑर्डर की बात है। इस पर सीएम ने कहा यह प्वाइंट ऑफ ऑर्डर का मामला नहीं है। मामला परिवहन मंत्री से संबंधित है, इसीलिए उन्हें जवाब के लिए हस्तांतरित किया गया है।
एसएमसी से रखे शिक्षक, पर खाली नहीं रखे स्कूल
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने पांच साल के शासनकाल में 512 स्कूल खोले, जबकि कांग्रेस सरकार के अब तक के कार्यकाल में 923 स्कूल ही खोले गए हैं। वह प्रश्नकाल के दौरान विधायक बंबर ठाकुर, जयराम ठाकुर, हंसराज, मोहन लाल ब्राक्टा और रणधीर शर्मा के संयुक्त सवाल पर बोल रहे थे।
कहा कि चाहे हमने शिक्षकों की एसएमसी से भर्ती की, मगर स्कूलों को खाली नहीं रहने दिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि सीएम ने भाजपा शासनकाल में 512 स्कूल खोलने की बात की है। जो अपनी सरकार के समय में 923 स्कूलों को खोलने का आंकड़ा दिया है, वह गलत है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल खोलने में प्रतिस्पर्धा का कोई प्रश्न नहीं है।
विधायक हंसराज ने कहा कि चंबा में दरला हाई स्कूल है। यह चार दिन से बंद है। यहां सात पद खाली हैं। कई स्कूल चुराह में हैं, जहां सिंगल टीचर भी नहीं हैं। सीएम ने कहा कि पहले ही मामला उनके ध्यान में लाया गया है। मालूम करेंगे और शिक्षकों की तैनाती करेंगे।
सीएम बोले - यू प्रूव इट
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि सीएम ने स्कूलों के कुल जोड़ की जो जानकारी दी है, वह सही नहीं है। सही जोड़ 618 है। सीएम बोले - यू प्रूव इट। ये आंकडे़ बिलकुल सही हैं। इसमें कुछ स्कूल जो हमारी सरकार के कार्यकाल में खोले गए, वे हमने आपके कार्यकाल में बता दिए थे।
इस पर नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल बोले - समस्या तब होती है, जब सीएम तथ्यों से परे जवाब देते हैं। पहले मेरा निवेदन सुनें। चुने हुए विधायक का महत्व होता है। जो वहां निर्वाचन क्षेत्र में पराजित हुए, उनका कल का बताया सुना जा रहा है। निर्वाचित सदस्यों को पहले सुना जाना चाहिए।
प्रदेश में कम हुआ क्राइम : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नियंत्रण में है। वर्ष 2011-12 में 34,812 अभियोग पंजीकृत हुए थे। वर्ष 2013-14 में 32,855 अभियोग पंजीकृत हुए। इनमें 5.6 फीसदी कमी आई है। 2015 जुलाई तक 10,110 अभियोग पंजीकृत हुए, जो वर्ष 2014 के बराबर हैं। वर्ष 2011-12 में हत्या के 244 अभियोग की तुलना में वर्ष 2-13-14 में 235 अभियोग यानी 9 अभियोग कम पंजीकृत हुए।
वर्ष 2015 में 31 जुलाई तक हत्या के 55 अभियोग दर्ज हुए। इसी तरह चोरी के मामले में 2011-12 में 1,809 अभियोग की तुलना में वर्ष 2013-14 में 1470 अभियोग पंजीकृत हैं। वर्ष 2015 में चोरी के 322 मामले दर्ज किए गए। ये पिछले साल की तुलना में 89 कम हैं। वर्ष 2011-12 में दहेज हत्या के 6 मामले, जबकि 2013-14 में 1 मामला दर्ज हुआ। 2015 में दहेज हत्या का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।
अधिकारी मामले में पूर्व डीजीपी मास्टर माइंड
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष जिस पुलिस अधिकारी के मामले को उठा रहा है, उसके पीछे एक पूर्व डीजीपी का हाथ है। उन्होंने कहा कि यही पूर्व डीपीजी मामले का मास्टर माइंड है। संबंधित अधिकारी ने उनसे शिष्टाचार भेंट की थी, जिसे राजनीतिक रूप दे दिया गया है।
सीएम ने पेश किया आंकड़ों का मक्कड़ जाल : धूमल
नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश में चरमरा चुकी कानून व्यवस्था पर भाजपा विधायकों की ओर से उठाए सवालों का सही जवाब न मिलने पर सदन से वाकआउट किया। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की बजाय मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का मक्कड़ जाल पेश किया। हत्या के मामलों को आत्महत्या में बदल दिया है। मुख्यमंत्री तो सवालों के जवाब भी धमकी भरे अंदाज में देते हैं।
वाकआउट के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए धूमल ने कहा प्रदेश में धड़ाधड़ चालान कर करोड़ों का जुर्माना वसूलने को मुख्यमंत्री पुलिस की उपलब्धि बता रहे हैं। पुलिस को चालान करने के लिए टारगेट दिए हैं। एक ही सड़क के कई चौराहों में चालान किए जा रहे हैं। खनन माफिया पर सरकार लगाम कसने में नाकाम रही है। घरेलू उपयोग के लिए रेत-बजरी ले जाने वाले गरीब लोगों, किसानों के चालान काटे जा रहे हैं।
1500 से 1800 रुपये में मिलने वाली रेत की ट्राली अब पांच हजार में मिल रही है। प्रदेश से बाहर खनन माफिया बेरोकटोक रेत बजरी बेच रहे हैं। वन माफिया पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। ड्रग माफिया स्कूलों के बाहर सक्रिय हैं। बच्चों को चरस, अफीम और गांजा मुहैया करवा जा रहा है। इन स्थानों पर सादी वर्दी में पुलिस तैनात होनी चाहिए। दोषियों को पकड़ना चाहिए। ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री ने सदन में नहीं दिया।
ईडी मामले में विपक्ष का सदन में फिर हंगामा
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनके अफसर के खिलाफ ये कोई भ्रष्टाचार का मामला नहीं बल्कि फंड ट्रांसफर का मामला है। इस विवाद को एक साजिश के तहत तूल दिया जा रहा है। विधानसभा में ईडी मामले में मंगलवार को दूसरे दिन भी हंगामा हुआ।
विपक्ष स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा को दबाव बनाता रहा। विस अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने प्रश्नकाल शुरू करने को कहा तो विस में विपक्ष के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने कहा - हमने स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा मांगी थी। यह कब लगेगी। विस अध्यक्ष ने कहा - मैंने विपक्ष की ओर से दिए गए नोटिस को स्टडी किया है। यह भ्रष्टाचार का मामला नहीं है। फंड के हस्तांतरण का मामला है।
विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव के नोटिस को भी खारिज कर दिया। इस बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बोले - ये लोग सुनी-सुनाई बातों पर जा रहे हैं। पुलिस अधिकारी उनके पास आया और चला गया। उसे धमकाने का प्रश्न ही नहीं उठता है। इस पर रविंद्र रवि स्पीकर से बोले - आपकी रूलिंग आई ही नहीं। सीएम इसमें हस्तक्षेप कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारी भूपेंद्र नेगी ने संयुक्त सचिव गृह को लिखा है। वीरभद्र बोले - मैं उसे नहीं जानता हूं। जब उसकी पोस्टिंग हुई तो वह शिष्टाचार के तौर पर मिलने आया था। इस पर विवाद खड़ा करना एक षड्यंत्र है। इसमें आप सभी शामिल हैं।
रविंद्र रवि बोले - मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नहीं किया है, जबकि संयुक्त सचिव को नेगी ने जो पत्र लिखा है, उसे मुझे पढ़ने दिया जाए। इस पर स्पीकर ने कहा - मैं नोटिस को गंभीरता से देखने के बाद ही कह रहा हूं कि यह मामला नियम - 67 में चर्चा में नहीं आ सकता, इसलिए इसे खारिज करता हूं।
कानून व्यवस्था पर सदन में घिरी सरकार
विपक्ष ने विधानसभा में प्रदेश की कानून व्यवस्था मसले पर सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सफाई दी और आंकड़ों के जरिये बताया कि राज्य में अपराध कम हुए, लेकिन उनके जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वाकआउट किया। नियम -130 के तहत भाजपा ने ध्यान आकर्षण प्रस्ताव लगाया था। विपक्ष ने पहले नारेबाजी की, उसके बाद वाकआउट किया।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सदन में जो आंकड़े पेश कर रहे हैं, वे तथ्यों से परे हैं। विपक्ष के सदन से वाकआउट करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को वाकआउट करने का बहाना चाहिए। विपक्ष सवाल उठाता है, लेकिन जवाब सुनने की हिम्मत नहीं रखता और भीगी बिल्ली की तरह भाग जाता है। यह पहली बार नहीं हुआ है। पहले भी इस तरह की गतिविधियां चलती आ रही हैं।
जब सरकार जवाब देना चाहती है तो तथ्यों को फेस करने के बजाय बाहर भाग जाते हैं। कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसी का भी राजनीतिक उत्पीड़न नहीं किया। धूमल ने मुख्यमंत्री होते हुए मेरे ऊपर झूठा फौजदारी मुकदमा चलाया। इससे कोर्ट ने बरी किया है। राजनीतिक उत्पीड़न की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में हुई है। कहा कि उन्होंने कार्यकर्ताओं तक को नहीं बख्शा, उनके खिलाफ भी झूठे मुकद्दमे बनाए। झूठे मुकदमे बनाने में भाजपा नेता और सरकार के अधिकारी भी माहिर रहे।
ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पर आरोप-प्रत्यारोप
ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पर भाजपा विधायकों ने जहां सरकार पर आरोप लगाए, वहीं कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को सही करार दिया। भाजपा विधायक रविंद्र रवि ने कहा कि प्रदेश में माफि या राज है। खनन, ड्रग, वन माफि या के अलावा बलात्कार माफि या सक्रिय है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय में तैनात प्रदेश पुलिस सेवा के अधिकारी को वापस बुलाने का मामला उठाया।
भाजपा विधायक विरेंद्र कंवर ने कुटलैहड़ में कथित तौर पर गुंडा टैक्स वसूलने का आरोप लगाया। महेंद्र सिंह ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों के लिए कानून व्यवस्था को जिम्मेवार ठहराया। सीपीएस जगजीवन पाल ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को बचाव किया। महेश्वर सिंह ने पुलिस जवानों की तैनाती का मामला उठाया। सतपाल सत्ती ने नाहन में हाल ही में हुए विस्फोट का मामला उठाया।
निजी बस चालकों को भी देंगे ट्रेनिंग
प्रदेश में निजी बस चालकों के लिए भी एक महीने का प्रशिक्षण कोर्स जरूरी किया जाएगा। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सिराज के भाजपा विधायक जयराम ठाकुर के सवाल पर परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि यह सही है कि एचआरटीसी और निजी बसों की दुर्घटना की दरों में काफी अंतर है। कहा कि विभाग ऐसी दुर्घटनाओं की समय-समय पर जांच करवा रहा है।
निजी बसों में अप्रशिक्षित चालक ज्यादा होते हैं। एचआरटीसी बसों के चालकों के लिए प्रशिक्षण कोर्स जरूरी किया है। यह एक महीने का होता है। इसे निजी बस चालकों के लिए भी अनिवार्य तौर पर करवाएंगे। बाली ने कहा कि एचआरटीसी के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि 1300 बसों की खरीद की गई। हमने ट्रैकिंग सिस्टम लगाने की बात की है।
जीपीएस सिस्टम भी लगा रहे हैं। बसों में दुर्घटना होने की सूरत में मुआवजा चार लाख रुपये कर दिया गया है। भारत सरकार ने इस पर हाल ही में अधिसूचना जारी की है। हम पूरे परिवहन तंत्र को अनुशासन में लाने के प्रयास कर रहे हैं।