मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि सीबीआई खुदा नहीं, केंद्रीय जांच एजेंसी है। गुड़िया मामले में हिमाचल पुलिस की जांच सही है। फिर भी लोगों के संदेह को दूर करने के लिए इस मामले की छानबीन को उन्होंने खुद सीबीआई को भेजा है। सीएम ने कहा- हमें न तो किसी को बचाना है और न ही किसी को छिपाना है।
असली दोषियों को सजा मिलेगी। यह भी नहीं होना चाहिए कि निर्दोषों पर कार्रवाई हो। वीरभद्र ने कहा कि भाजपा नेता और कामरेड जानबूझकर जनता को भड़का रहे हैं।
मुझे पहले ही मालूम हो गया था कि ये लोग किसी ऐसे अवसर को ढूंढ रहे हैं, जिससे सरकार को बदनाम कर सकें। गुड़िया मामले पर भी ये लोग राजनीति कर रहे हैं। सीएम ने चेताया कि अगर प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की गई तो गंभीर कार्रवाई होगी।
बोले- आप ही बताएं कि और किसको पकड़ा जाना है
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में वीरभद्र बोले कि हिमाचल पुलिस की टीम ने गुड़िया मामले की गंभीरता से जांच की है। आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। वे खुद कबूल कर चुके हैं कि रेप के बाद गुड़िया ने उनसे जान बख्श देने तक की गुहार लगाई थी।
क्या अभी कुछ अन्य आरोपियों को पकड़ा जाना बाकी है? भड़के लोग ऐसा मान रहे हैं कि पुलिस की कहानी मामले के तमाम पहलुओं को एक-दूसरे से कनेक्ट नहीं कर पा रही है? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की जांच में कोई गड़बड़ नहीं है। पुलिस जांच के खिलाफ जो भी बातें हो रही हैं वह हवा-हवाई हैं।
सीएम ने सवाल किया कि आप ही बताएं कि और किसको पकड़ा जाना है? अपने फेसबुक पेज पर शेयर किए गए फोटो पर सीएम ने दोहराया कि वे इसे ऑपरेट नहीं करते हैं। पूछताछ के दौरान थोडे़ वक्त के लिए डाले थे बाद में हटा दिए गए थे। इस पर आधारहीन बातें करना सही नहीं है।
दिल्ली से सीबीआई टीम आकर करे गुड़िया मामले की जांच: धूमल
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने कहा है कि दिल्ली से सीबीआई टीम आकर गुड़िया मामले की जांच करे। सीबीआई असल दोषियों को पकड़े और सच्चाई सामने लाए। धूमल ने कहा कि आगे से ऐसा न हो इसके लिए दोषियों को कड़ा सबक मिलना चाहिए। वह आशा करते हैं कि सीबीआई की जांच में असली दोषी पकड़े जाएंगे।
चाहे वे सत्ता में बैठे हैं या फिर सत्ता से बाहर हैं। जो लोग मामले को दबाने की कोशिश रहे हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। गुड़िया मामले को जो लोग दबाने का प्रयास कर रहे हैं और जो लोग दबाव में आ रहे हैं वे एक्पोज होने चाहिए। उनको सजा मिलनी चाहिए। विपक्ष ऐसे लोगों को एक्पोज करने की कोशिश कर रहा है।
धूमल प्रदेश विधानसभा परिसर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। गुड़िया मामले में हिमाचल पुलिस की जांच पर उंगली उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि सीएम के एक बयान से ही यह बात स्पष्ट हो रही है कि अगर उनके मामा या चाचा से संबंधित मामला होता तो वे उन्हें बचाने का प्रयास करते।
बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं, सरकार को सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं
ये सरकार की मानसिकता को दर्शाता है। उनके नहीं तो और कोई लोग सरकार में होंगे जो मामला दबा रहे हों। धूमल ने कहा कि जबसे कांग्रेस सत्ता में आई है तबसे कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ गई हैं।
कोटखाई वाले मामले को जिस तरह से रफा-दफा करने का प्रयास किया गया उससे आज भी लोगों को आशंका है कि जो वास्तविक अपराधी हैं उनको बचाया जा रहा है और झूठे केस बनाए जा रहे हैं।
प्रदेश में बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। हिमाचल में सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है और तुरंत त्यागपत्र देना चाहिए। धूमल ने कहा कि आने वाले वक्त में लॉ एंड ऑर्डर प्रदेश का सबसे बड़ा मुद्दा होगा।
सीबीआई इसकी भी जांच करे कि सीएम वीरभद्र सिंह की वाल पर फोटो कैसे पोस्ट हुए और वे क्यों हटाए गए। जिनके फोटो पोस्ट किए अगर वे वास्तविक दोषी थे तो उन्हें बाद में पकड़ा क्यों नहीं गया और पूछा क्यों नहीं गया। ये सारी बातें हैं इन पर गंभीर जांच करने की जरूरत है।