मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश में एम्स खुलने में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बड़ी बाधा बन गए हैं। राज्य सरकार ने केंद्र को बिलासपुर में जमीन उपलब्ध करवाई है लेकिन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।
जिसकी वजह से प्रदेश के लोगों को एम्स जैसी सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बुधवार को कुमारहट्टी में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में एक परिवार से एक ही उम्मीदवार खड़ा हो, ऐसी कोई नीति नहीं है।
जो सशक्त उम्मीदवार होगा, उसे मैदान में उतारा जाएगा। कांग्रेस जल्द ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। प्रदेश में आदर्श आचार संहिता कभी भी लग सकती है। ऐसे में वे ऐसी कोई बड़ी घोषणा नहीं करेंगे जो आगे जाकर पूरी न हो पाए।
प्रदेश में कांग्रेस सरकार का यह कार्यकाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे यादगार रहा है। इस कार्यकाल के दौरान तीन मेडिकल कॉलेज खुले हैं। प्रदेश में मौजूदा समय में प्रति व्यक्ति आय 1.50 लाख औसतन है और प्रति व्यक्ति बेरोजगार भत्ता एक हजार दे रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल मे 16 हजार से ज्यादा स्कूल खोले गए हैं। प्रदेश में जहां-जहां जरूरत होगी वहां अब भी स्कूल खोले जाएंगे। वहीं 136 कॉलेज खोले गए हैं जबकि, एक सप्ताह के अंदर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पांच कॉलेज खोले गए और यह सभी कॉलेज ग्रामीण क्षेत्रों में खोले हैं।